{"_id":"68a61c95aa67b86b3f085308","slug":"students-learned-the-technique-of-mushroom-production-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-164380-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: विद्यार्थियों ने सीखी मशरूम उत्पादन की तकनीक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: विद्यार्थियों ने सीखी मशरूम उत्पादन की तकनीक
Thu, 21 Aug 2025 12:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देते विशेषज्ञ। संस्थ
हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन कार्यशाला का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।
इस कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक डॉ. विद्या सागर शर्मा ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। तीन दिनों तक चली इस कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की सैद्धांतिक जानकारी, व्यावहारिक पद्धतियां तथा उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रारंभिक दिवस में विषय विशेषज्ञों ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों का विस्तृत परिचय दिया।
दूसरे दिन प्रतिभागियों को विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. कल्पना भंडारी ने बताया कि अंतिम दिवस पर प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी प्रमाणन योजनाओं, रोजगार संबंधी अवसरों तथा इस क्षेत्र में स्वरोजगार प्रारंभ करने की संभावनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया तथा विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और कार्यशाला से मिले ज्ञान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
विज्ञापन
कार्यशाला में विद्यार्थियों के साथ-साथ स्टाफ सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में डॉ. विद्या सागर को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पटिआल ने बॉटनी विभाग के प्रयासों की सराहना की तथा कार्यशाला की सफलता पर उन्हें बधाई दी।
विज्ञापन
इस कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक डॉ. विद्या सागर शर्मा ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। तीन दिनों तक चली इस कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की सैद्धांतिक जानकारी, व्यावहारिक पद्धतियां तथा उत्पादन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रारंभिक दिवस में विषय विशेषज्ञों ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों का विस्तृत परिचय दिया।
विज्ञापन
दूसरे दिन प्रतिभागियों को विभिन्न प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. कल्पना भंडारी ने बताया कि अंतिम दिवस पर प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी प्रमाणन योजनाओं, रोजगार संबंधी अवसरों तथा इस क्षेत्र में स्वरोजगार प्रारंभ करने की संभावनाओं के बारे में भी अवगत कराया गया तथा विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और कार्यशाला से मिले ज्ञान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
विज्ञापन
कार्यशाला में विद्यार्थियों के साथ-साथ स्टाफ सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में डॉ. विद्या सागर को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पटिआल ने बॉटनी विभाग के प्रयासों की सराहना की तथा कार्यशाला की सफलता पर उन्हें बधाई दी।