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Hamirpur (Himachal) News: डिडवीं टिक्कर में लावारिस पशुओं से हादसे का डर, खेतों में फसलों को भी कर रहे बर्बाद

Sat, 04 Apr 2026 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Sat, 04 Apr 2026 12:56 AM IST
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Stray animals in Didvin Tikkar are causing fear of accidents and destroying crops in the fields.
पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं
डिडवीं टिक्कर (हमीरपुर)। मटौर–शिमला मार्ग पर स्थित डिडवीं टिक्कर क्षेत्र में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु अब एक गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। दिन-रात मुख्य सड़क पर विचरण करते ये पशु न केवल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि हर पल किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे रहे हैं।
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तेज रफ्तार वाहनों और अचानक सड़क पर आ जाने वाले इन पशुओं के बीच टकराव की आशंका बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह लापरवाही किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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ये पशु रात होते ही सड़क के बीच बैठ जाते हैं और अंधेरे में दिखाई नहीं देते हैं, जिस कारण अकसर हादसे होते हैं। इसके अलावा कई बार ये पशु आक्रामक हो जाते हैं और सड़कों पर ही एक-दूसरे पर हमला कर देते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं, कई बार लोगों के वाहन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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लावारिस पशु किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय लावारिस पशुओं से छुटकारा दिलाने को लेकर वादे तो किए जाते हैं, लेकिन बाद में इन वादों को भूला दिया जाता है। क्षेत्र में करीब 30 से अधिक पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। डिडवीं बाजार में दो माह पूर्व एक बैल ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया था, व्यक्ति ने तो डंडे से प्रहार कर बैल को भगा दिया, लेकिन उसी बैल ने डिडवीं में एक महिला को हमला कर घायल कर दिया।
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सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं के कारण न केवल किसान, बल्कि राहगीर भी परेशान हैं। ये कभी भी राहगीरों पर हमला कर देते हैं। लावारिस पशुओं के हमले में कभी भी लोगों की जान जा सकती है। -पवन शर्मा, निवासी डिडवीं


दो माह पूर्व एक राहगीर पर बैल ने हमला किया था। व्यक्ति के हाथ में डंडा था तो उसने बचाव कर लिया, लेकिन उस बैल ने एक अन्य महिला को घायल कर दिया था। प्रशासन को समस्या का समाधान करना चाहिए। -कमलेश चंदेल, निवासी ककड़ियाणा


दिन में ये पशु काफी आक्रामक हो जाते हैं, जिससे अकसर हादसे का खतरा रहता है। वहीं, रात को ये पशु सड़क पर बैठ जाते हैं और कई बार खेतों में घुसकर फसल बर्बाद कर देते हैं। -अशोक कुमार, दुकानदार, डिडवीं


जब चुनाव आते हैं तो लावारिस पशुओं से छुटकारा दिलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसके बाद कोई नहीं पूछता। ये पशु कभी भी लोगों की जान ले सकते हैं। प्रशासन को इनसे छुटकारा दिलाना चाहिए। -प्रीतम कटोच, निवासी डिडवीं टिक्कर


कोट-
लावारिस पशुओं के लिए गोशाला का निर्माण किया गया है। ग्रामीण अपने नजदीकी पशु अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। गोसदन में लावारिश पशुओं के लिए उचित सुविधाएं दी जाती हैं। -सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, हमीरपुर

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

पवन कुमार शर्मा, निवासी डिडवीं

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