{"_id":"685c50b2e0f6f2cd800b52bb","slug":"state-government-will-become-the-owner-of-land-donated-to-kangu-school-after-74-years-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-159475-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: कांगू स्कूल को दान भूमि की 74 वर्ष बाद मालिक बनेगी प्रदेश सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: कांगू स्कूल को दान भूमि की 74 वर्ष बाद मालिक बनेगी प्रदेश सरकार
Thu, 26 Jun 2025 01:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 26 Jun 2025 01:10 AM IST
विज्ञापन
राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कांगू का पुराना भवन। संवाद
- फोटो : kathua
एक्सलूसिव
सचित्र
राजस्व विभाग ने सात कनाल भूमि के मालिकाना हक के लिए कानूनी प्रक्रिया की शुरू
पंकज राणा
रंगस (हमीरपुर)। राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श माध्यमिक विद्यालय कांगू को 74 वर्ष पूर्व दान की सात कनाल भूमि की मालिक अब प्रदेश सरकार बनेगी, जबकि 11 कनाल दान भूमि पहले ही शिक्षा विभाग के नाम दर्ज है।
राजस्व विभाग ने मालिकाना हक के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1951 में जनता हाई स्कूल के नाम से स्थापित हुए निजी विद्यालय के संचालन के लिए क्षेत्र के तत्कालीन बुजुर्गों ने जुबानी तौर पर निजी भूमि स्कूल को दान में दे दी थी। 1957 में निजी विद्यालय का सरकारीकरण होने के उपरांत वर्ष 1962 में स्कूल को अपग्रेड किया गया। अपग्रेड होने के बाद 2016 में राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श माध्यमिक विद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ। वहीं, वर्तमान समय में विद्यालय में 400 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विद्यालय के निर्मित नए और पुराने भवन अधिकतर लोगों की निजी भूमि में ही मौजूद हैं। यह भूमि प्रदेश सरकार के नाम नहीं थी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह के ध्यान में मामला आया तो तत्काल प्रभाव से नायब तहसीलदार कांगू को निजी भूमि मालिकों से बात करके जमीन को शिक्षा विभाग के नाम पंजीकृत राजस्व दस्तावेज तैयार करने के आदेश दे दिए।
विज्ञापन
वहीं, 74 वर्ष पूर्व निजी विद्यालय के रूप में स्थापित अब सरकारी विद्यालय के नाम कुल 11 कनाल अपनी भूमि है और सात कनाल अतिरिक्त निजी भूमि होने से कुल 18 कनाल भूमि हो जाएगी। क्षेत्र के दानी सज्जनों ने ही स्कूल के लिए निजी भूमि दान दी है। वहीं, सात कनाल अतिरिक्त निजी भूमि पर भी विद्यालय के नए-पुराने भवनों के कुछ भाग बने हैं। उसी के पंजीकृत दस्तावेज राजस्व विभाग द्वारा बनाए जा रहे हैं।
राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श माध्यमिक विद्यालय कांगू की प्रधानाचार्य शकुंतला पटियाल ने कहा कि विद्यालय के तहत आने वाली निजी भूमि मालिकों ने स्वेच्छा से शिक्षा विभाग के नाम हिवानामा किया है। विद्यालय में स्थापित साइंस लैब भी अभी फिलहाल निजी भूमि में ही बनी है। निजी भूमि मालिकों से राजस्व अधिकारियों और विद्यालय की ओर से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि उनकी ओर से भी शिक्षा विभाग के नाम संबंधित जमीन का पंजीकृत राजस्व दस्तावेज बन सके।
कोट
निजी भूमि मालिकों से संपर्क किया जा रहा है। सात कनाल भूमि को प्रदेश सरकार के नाम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-बलवंत सिंह, नायब तहसीलदार, कांगू
विज्ञापन
सचित्र
राजस्व विभाग ने सात कनाल भूमि के मालिकाना हक के लिए कानूनी प्रक्रिया की शुरू
पंकज राणा
रंगस (हमीरपुर)। राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श माध्यमिक विद्यालय कांगू को 74 वर्ष पूर्व दान की सात कनाल भूमि की मालिक अब प्रदेश सरकार बनेगी, जबकि 11 कनाल दान भूमि पहले ही शिक्षा विभाग के नाम दर्ज है।
राजस्व विभाग ने मालिकाना हक के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1951 में जनता हाई स्कूल के नाम से स्थापित हुए निजी विद्यालय के संचालन के लिए क्षेत्र के तत्कालीन बुजुर्गों ने जुबानी तौर पर निजी भूमि स्कूल को दान में दे दी थी। 1957 में निजी विद्यालय का सरकारीकरण होने के उपरांत वर्ष 1962 में स्कूल को अपग्रेड किया गया। अपग्रेड होने के बाद 2016 में राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श माध्यमिक विद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ। वहीं, वर्तमान समय में विद्यालय में 400 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विज्ञापन
विद्यालय के निर्मित नए और पुराने भवन अधिकतर लोगों की निजी भूमि में ही मौजूद हैं। यह भूमि प्रदेश सरकार के नाम नहीं थी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह के ध्यान में मामला आया तो तत्काल प्रभाव से नायब तहसीलदार कांगू को निजी भूमि मालिकों से बात करके जमीन को शिक्षा विभाग के नाम पंजीकृत राजस्व दस्तावेज तैयार करने के आदेश दे दिए।
विज्ञापन
वहीं, 74 वर्ष पूर्व निजी विद्यालय के रूप में स्थापित अब सरकारी विद्यालय के नाम कुल 11 कनाल अपनी भूमि है और सात कनाल अतिरिक्त निजी भूमि होने से कुल 18 कनाल भूमि हो जाएगी। क्षेत्र के दानी सज्जनों ने ही स्कूल के लिए निजी भूमि दान दी है। वहीं, सात कनाल अतिरिक्त निजी भूमि पर भी विद्यालय के नए-पुराने भवनों के कुछ भाग बने हैं। उसी के पंजीकृत दस्तावेज राजस्व विभाग द्वारा बनाए जा रहे हैं।
राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श माध्यमिक विद्यालय कांगू की प्रधानाचार्य शकुंतला पटियाल ने कहा कि विद्यालय के तहत आने वाली निजी भूमि मालिकों ने स्वेच्छा से शिक्षा विभाग के नाम हिवानामा किया है। विद्यालय में स्थापित साइंस लैब भी अभी फिलहाल निजी भूमि में ही बनी है। निजी भूमि मालिकों से राजस्व अधिकारियों और विद्यालय की ओर से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि उनकी ओर से भी शिक्षा विभाग के नाम संबंधित जमीन का पंजीकृत राजस्व दस्तावेज बन सके।
कोट
निजी भूमि मालिकों से संपर्क किया जा रहा है। सात कनाल भूमि को प्रदेश सरकार के नाम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-बलवंत सिंह, नायब तहसीलदार, कांगू

राजकीय मुख्यमंत्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कांगू का पुराना भवन। संवाद- फोटो : kathua