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सनातन संस्कार को भूल रहा समाज : गिरि
Sat, 15 Feb 2025 12:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:45 AM IST
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बाबा बालक नाथ मंदिर में उपन्यन संस्कार कार्यक्रम में मौजूद बच्चे। स्रोत : धाम
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। विश्वप्रसिद्ध धार्मिक सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ धाम में महंत श्रीश्री 1008 बाबा राजेंद्र गिरि ने उपन्यन संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया।
प्रात: 8:00 बजे सभी बच्चों ने पूजास्थल में नवग्रह शांति के उपरांत मुंडन और कर्णवेध संस्कार, हवन आदि के साथ यज्ञोपवीत धारण कर गुरु दीक्षा ग्रहण की। सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के पीठासीन महंत श्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरि महाराज की प्रेरणा से उनके सानिध्य में 41 बच्चों को संस्कारित किया गया।
इस आयोजन में हमीरपुर, बिलासपुर कांगड़ा और ऊना जिला के 28 स्थानों के बच्चे शामिल हुए हैं। राजेंद्र गिरी ने कहा कि धीरे-धीरे हमारा समाज सनातन संस्कारों को भूलकर या उपयोगहीन समझकर इनकी उपेक्षा कर रहा है। पूरा समाज न तो विरोध कर पा रहा है और न कोई समाधान कर पा रहा है। बल्कि मजबूरी में सब झेल रहा है।
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उन्होंने कहा कि अपने समाज की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और सुखद भविष्य के लिए बच्चों को सही दिशा देने की प्रबल आवश्यकता है।
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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। विश्वप्रसिद्ध धार्मिक सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ धाम में महंत श्रीश्री 1008 बाबा राजेंद्र गिरि ने उपन्यन संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया।
प्रात: 8:00 बजे सभी बच्चों ने पूजास्थल में नवग्रह शांति के उपरांत मुंडन और कर्णवेध संस्कार, हवन आदि के साथ यज्ञोपवीत धारण कर गुरु दीक्षा ग्रहण की। सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के पीठासीन महंत श्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरि महाराज की प्रेरणा से उनके सानिध्य में 41 बच्चों को संस्कारित किया गया।
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इस आयोजन में हमीरपुर, बिलासपुर कांगड़ा और ऊना जिला के 28 स्थानों के बच्चे शामिल हुए हैं। राजेंद्र गिरी ने कहा कि धीरे-धीरे हमारा समाज सनातन संस्कारों को भूलकर या उपयोगहीन समझकर इनकी उपेक्षा कर रहा है। पूरा समाज न तो विरोध कर पा रहा है और न कोई समाधान कर पा रहा है। बल्कि मजबूरी में सब झेल रहा है।
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उन्होंने कहा कि अपने समाज की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और सुखद भविष्य के लिए बच्चों को सही दिशा देने की प्रबल आवश्यकता है।