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पेयजल स्रोतों में घुल रही सीवरेज की गंदगी
सुरेंद्र कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sun, 10 Apr 2016 05:39 PM IST
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गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। ग्राम पंचायत मति टिहरा के जंगल से निकाली गई सीवरेज लाइन के लीक होने से क्षेत्र में बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। रोजाना सैकड़ों लीटर गंदा पानी जंगल के नाले में मिल रहा है।
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जंगल में बनाए गए चैंबरों की हालत भी खस्ता है। चैंबर लीक हो रहे हैं जिससे जंगल में बदबू फैली हुई है। उपायुक्त आवास एवं हीरानगर की सीवरेज लाइन घराण मसंदा गांव के जंगल में मिलती है। यहां हजारों लीटर सीवरेज नाले में बह रही है।
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सीवरेज लाइन की गंदगी नाले में बह रही है जिससे पूरा नाला गंदगी से भर गया है। यही नाला सलासी और एनआईटी नाले के साथ मिलकर कई गांवों से होता हुआ रंगस के पास ब्यास नदी में मिलता है। इसके अलावा भी नाला कई प्राकृतिक जल स्रोतों से होकर गुजरता है जिससे जल स्रोतों में भी गंदगी घुल रही है।
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लोगों की माने तो विभाग को समस्या बताई गई है। इसके बावजूद समस्या को हल नहीं किया जा रहा। ‘अमर उजाला’ ने जब जंगल का निरीक्षण किया तो कई जगहों पर सीवरेज लाइन लीक पाई। जंगल में बने सीवरेज चैंबर भी खस्ताहाल हैं।
जंगल में बह रहे नाले में हजारों लीटर गंदगी भरी पड़ी है। इसी नाले के साथ ककरू गांव की बावड़ी भी है जिसके जल को खासा नुकसान पहुंच रहा है।
क्या कहते हैं पंचायत प्रधान
ग्राम पंचायत मति टिहरा के प्रधान गुरुदेव जगोता का कहना है कि विभाग को मौखिक तौर पर कई बार बताया जा चुका है। अब प्रस्ताव डालकर जल्द समस्या से निजात दिलाने की मंाग रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री को भी बता चुके हैं लेकिन अब तक समस्या हल नहीं हो पाई है।
सीवरेज लाइन की मरम्मत करवाई जाएगी। लीक हो रहे चैंबरों को भी ठीक किया जाएगा। विभागीय कर्मचारियों को कार्य जल्द पूरा करने के आदेश दिए जाएंगे जिससे लीकेज से जल्द निजात मिल सके।
- नीरज भोगल, अधिशाषी अभियंता, आईपीएच, हमीरपुर