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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Relief from rain showers, farmers should not hurry in sowing maize

Hamirpur (Himachal) News: बारिश की फुहारों से राहत, मक्की बिजाई में जल्दी न करें किसान

Tue, 25 Jun 2024 06:10 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 06:10 PM IST
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कृषि विशेषज्ञ बोले- तीस जून तक मक्की बिजाई का समय है अनुकूल
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जिले में 28 हजार हेक्टेयर एरिया में 75 हजार किसान करते हैं मक्की की खेती

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। जिले में मंगलवार देर शाम बारिश की फुहारों से गर्मी से राहत मिली है। किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि पर्याप्त बारिश होने पर मक्की की बिजाई की जा सके। बारिश से किसानों की उम्मीदें जगी हैं और बीमार कर देने वाली गर्मी से आम जनमानस को राहत मिली है। हालांकि, कृषि विभाग के विशेषज्ञों का तर्क है कि पर्याप्त बारिश होने पर ही किसान मक्की की बिजाई करें। बिजाई के कार्य में जल्दबाजी न की जाए।

तीस जून तक बिजाई का समय अनुकूल है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक मक्की का हाईब्रिड बीज से फसल महज 60 से 70 दिन में तैयार हो जाती है। ऐसे में फसल की बिजाई में किसान जल्दबाजी न करें। बिजाई के लिए पर्याप्त बारिश होने की सूरत में बिजाई करने में कोई हर्ज नहीं है। बुधवार तक यदि पर्याप्त बारिश होती है तो बिजाई की जा सकती है। मक्की की फसल के लिए शुरुआती समय में नमी बेहद जरूरी है। जिले में मंगलवार को लगभग सभी क्षेत्रों में दोपहर के बाद बारिश हुई है, हालांकि यह बारिश टुकड़ों में हुई है। जिले में 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 75 हजार किसान परिवार मक्की की खेती करते हैं। जिले में खड्डों और नदी के साथ लगते नमी वाले नाममात्र क्षेत्र में पांच से दस फीसदी में मक्की की बिजाई हुई है। कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक शशि पाल अत्री का कहना है कि 30 जून तक मक्की की बिजाई का समय अनुकूल है। किसान खेतों में नमी होने पर ही बिजाई करें।
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अब स्वास्थ्य पर भी नहीं होगा ग्रीष्म लहर का असर
रंगस (हमीरपुर)। रंगस क्षेत्र में बारिश होने से अब लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अब हीट वेव (ग्रीष्म लहर) का भी स्वास्थ्य पर बहुत ही कम असर हो पाएगा। क्षेत्र के किसानों रमेश चंद, केसर सिंह, चमेल सिंह आदि ने कहा कि एक तरफ जहां मक्की की फसल बीजने में काफी देर हो गई है वहीं गर्मी ने बहुत ही परेशान कर रखा था। अब थोड़ी बारिश होने से गर्मी से तो राहत मिल गई है पर खेतों में फसल बीजने योग्य नमी कम बारिश से नहीं हो पाई।
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