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Hamirpur (Himachal) News: भोरंज में बारिश ने 15 परिवारों के सिर से छीने आशियाने, पड़ोसियों ने दी पनाह
Sun, 14 Sep 2025 01:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 14 Sep 2025 01:18 AM IST
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाह्नवीं के समीप हुआ भूस्खलन। स्रोत : जागरूक पाठक
- फोटो : जिला न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोग अदालत में मौजूद वादकारी।
भरेड़ी/भोरंज (हमीरपुर)। शुक्रवार रात और शनिवार को हुई बारिश ने भोरंज में 15 परिवारों के सिर से आशियाना छीन लिया है। इससे घरों में रखा सामान मलबे में दब गया है। इस हादसे के बाद कई प्रभावितों को पड़ोसियों ने पनाह दी है।
वहीं, प्रशासन भी प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करवा रहा है। प्रशासन ने फिलहाल आठ प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता के साथ तिरपाल उपलब्ध करवाए हैं। जानकारी के अनुसार गांव भकरेड़ी में राजेंद्र कुमार के पक्का मकान का एक कमरा डंगा गिरने से गिर गया। हादसे में कमरे के भीतर रखा घरेलू सामान भी मलबे के नीचे दब गया है।
इस संबंधी ग्राम पंचायत भोरंज की प्रधान पूजा देवी ने बताया कि परिवार को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सूचना मिलते ही हलका भोरंज के पटवारी अंकुश भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवार को राहत के रूप में तिरपाल उपलब्ध करवाया।
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इसके अलावा गांव खतरवाड़ के वार्ड नंबर चार में शनिवार तड़के लगभग 4:00 बजे भूस्खलन हुआ। भूस्खलन की आवाज इतनी भयावह थी कि आसपास के घरों के लोग दहशत में बाहर आ गए। वहीं, भूस्खलन से राज कुमार, विजय कुमार, प्रेम सागर, हेमराज, जोगिंद्र सिंह, राजेश कुमार और मेजर सिंह सहित लगभग 12 परिवारों के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। प्रभावित घरों में दरारें आना शुरू हो गई हैं।
गांववासियों ने बताया कि भूस्खलन के चलते न केवल मकान खतरे में आ गए हैं, बल्कि पक्की सड़क भी धंसनी शुरू हो गई है। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों और पटवारी को दे दी है। इसी प्रकार, गांव रौंही में जसवंत सिंह का स्लेटपोश दोमंजिला कच्चा-पक्का मकान अचानक गिर गया। घटना के समय परिवार के सदस्य मकान में मौजूद थे, लेकिन समय रहते सभी लोग घर से बाहर निकल आए।
ग्राम पंचायत रौंही की प्रधान रंजना शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं थीं। इसके अलावा स्थानीय पटवारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। वहीं, पपलाह गांव की हरिजन बस्ती में भूस्खलन से एक परिवार के घर में दरारें आ गई हैं। प्रशासन ने परिवार के लिए उनके चाचा के घर में रहने की व्यवस्था की है।
बाह्नवीं स्कूल भवन के पीछे आया मलबा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाह्नवीं के समीप भूस्खलन हुआ। प्रधानाचार्य निर्मल कुमार ने बताया कि रातभर हुई तेज बारिश के कारण स्कूल भवन के पिछली तरफ भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा आ गया। मिट्टी स्कूल के कुछ कमरों में चली गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में भी इसी स्थान पर भूस्खलन हुआ था।
कोट
उपमंडल भोरंज में बारिश से दो दिन के भीतर 15 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यह मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। प्रभावितों को फैारी राहत दी गई है। लोगों के ठहरने का प्रबंध भी लोगों की मदद से किया गया है। हरसंभव मदद दी जा रही है।
-शशिपाल शर्मा, एसडीएम, भोरंज
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वहीं, प्रशासन भी प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध करवा रहा है। प्रशासन ने फिलहाल आठ प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता के साथ तिरपाल उपलब्ध करवाए हैं। जानकारी के अनुसार गांव भकरेड़ी में राजेंद्र कुमार के पक्का मकान का एक कमरा डंगा गिरने से गिर गया। हादसे में कमरे के भीतर रखा घरेलू सामान भी मलबे के नीचे दब गया है।
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इस संबंधी ग्राम पंचायत भोरंज की प्रधान पूजा देवी ने बताया कि परिवार को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सूचना मिलते ही हलका भोरंज के पटवारी अंकुश भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवार को राहत के रूप में तिरपाल उपलब्ध करवाया।
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इसके अलावा गांव खतरवाड़ के वार्ड नंबर चार में शनिवार तड़के लगभग 4:00 बजे भूस्खलन हुआ। भूस्खलन की आवाज इतनी भयावह थी कि आसपास के घरों के लोग दहशत में बाहर आ गए। वहीं, भूस्खलन से राज कुमार, विजय कुमार, प्रेम सागर, हेमराज, जोगिंद्र सिंह, राजेश कुमार और मेजर सिंह सहित लगभग 12 परिवारों के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। प्रभावित घरों में दरारें आना शुरू हो गई हैं।
गांववासियों ने बताया कि भूस्खलन के चलते न केवल मकान खतरे में आ गए हैं, बल्कि पक्की सड़क भी धंसनी शुरू हो गई है। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने तुरंत पंचायत प्रतिनिधियों और पटवारी को दे दी है। इसी प्रकार, गांव रौंही में जसवंत सिंह का स्लेटपोश दोमंजिला कच्चा-पक्का मकान अचानक गिर गया। घटना के समय परिवार के सदस्य मकान में मौजूद थे, लेकिन समय रहते सभी लोग घर से बाहर निकल आए।
ग्राम पंचायत रौंही की प्रधान रंजना शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं थीं। इसके अलावा स्थानीय पटवारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। वहीं, पपलाह गांव की हरिजन बस्ती में भूस्खलन से एक परिवार के घर में दरारें आ गई हैं। प्रशासन ने परिवार के लिए उनके चाचा के घर में रहने की व्यवस्था की है।
बाह्नवीं स्कूल भवन के पीछे आया मलबा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाह्नवीं के समीप भूस्खलन हुआ। प्रधानाचार्य निर्मल कुमार ने बताया कि रातभर हुई तेज बारिश के कारण स्कूल भवन के पिछली तरफ भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा आ गया। मिट्टी स्कूल के कुछ कमरों में चली गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में भी इसी स्थान पर भूस्खलन हुआ था।
कोट
उपमंडल भोरंज में बारिश से दो दिन के भीतर 15 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यह मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। प्रभावितों को फैारी राहत दी गई है। लोगों के ठहरने का प्रबंध भी लोगों की मदद से किया गया है। हरसंभव मदद दी जा रही है।
-शशिपाल शर्मा, एसडीएम, भोरंज

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाह्नवीं के समीप हुआ भूस्खलन। स्रोत : जागरूक पाठक- फोटो : जिला न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोग अदालत में मौजूद वादकारी।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाह्नवीं के समीप हुआ भूस्खलन। स्रोत : जागरूक पाठक- फोटो : जिला न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोग अदालत में मौजूद वादकारी।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाह्नवीं के समीप हुआ भूस्खलन। स्रोत : जागरूक पाठक- फोटो : जिला न्यायालय में लगी राष्ट्रीय लोग अदालत में मौजूद वादकारी।