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Hamirpur (Himachal) News: अविश्वास प्रस्ताव पर सियासी घमासान, नप की बजट बैठक का बहिष्कार
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नगर परिषद हमीरपुर की बजट और आम बैठक में नहीं पहुंचे उपाध्यक्ष और छह पार्षद
अध्यक्ष समेत महज चार पार्षद बैठक में पहुंचे, कोरम पूरा न होने से बैठक हुई स्थगित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुुर। नगर परिषद हमीरपुर की बजट और आम बैठक का उपाध्यक्ष सहित सात पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा बैठक न बुलाए जाने से नाराज नगर परिषद हमीरपुर के 11 में से सात पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे। महज नगर परिषद के अध्यक्ष मनोज मिन्हास और अन्य तीन पार्षद पहुंचे। बैठक कोरम न होने के चलते स्थगित कर दी गई। बैठक नगर परिषद हमीरपुर के कार्यालय में साढ़े 11 बजे तय थी, लेकिन अधिकतर पार्षदों ने बैठक से दूरी बना ली।
बीते दिन ही छह पार्षदों ने डीसी हमीरपुर से मिलकर वर्तमान अध्यक्ष मनोज मिन्हास के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। हालांकि, इससे पहले अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने छह पार्षदों के हस्ताक्षर किए हुए पत्र को डीसी को सौंप कर अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की थी। चार माह पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ नगर परिषद हमीरपुर के 11 में से 10 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। चुनाव के चलते चार माह तक जिले में आचार संहिता रही। आचार संहिता के चलते अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई। अब आचार संहिता हटते ही भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए नगर परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने के पक्ष में डीसी से अपील की लेकिन कुछ घंटों के बाद इस अपील पर हस्ताक्षर करने वाली महिला पार्षद पुष्पा शर्मा पीछे हट गईं। उन्होंने शाम को पार्षदों के दूसरे प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर ने कहा कि बैठक में कोरम पूरा नहीं हो सका है। जल्द ही बैठक की नई तिथि तय की जाएगी।
अध्यक्ष के पक्ष में हस्ताक्षर करने वाले पार्षद भी नदारद
जिस अपील पत्र के जरिये अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने डीसी के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की थी उस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले वार्ड नंबर दस के पार्षद सुशील व वार्ड नंबर नौ की पार्षद पुष्पा शर्मा भी बैठक में नहीं पहुंचीं। बैठक में अध्यक्ष मनोज मिन्हास, पार्षद राजकुमार, राधारानी और नीना पहुंची थीं जबकि उपाध्यक्ष संदीप भारद्वाज, सुशील शर्मा, विनय कुमार, पुष्पा शर्मा, सुदेशानंद, वकील सिंह, डिंपल बाला ने बैठक से दूरी बना ली।
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बजट पेश करने में चार माह की देरी
कायदे से हर साल अप्रैल में नगर परिषद का सालाना बजट पेश किया जाता है लेकिन मार्च में आचार संहिता के लागू होने के चलते अब तक बैठक आयोजित नहीं हो पाई है। आचार संहिता हटने के बाद बुलाई गई बैठक का पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया है। इसके अलावा आम बैठक भी आयोजित नहीं हो सकी है। आम बैठक में लोगों से जुड़े प्रमाण पत्रों, एनओसी इत्यादि का अनुमोदन होता है लेकिन यह कार्य पिछले चार माह से थम गए हैं। वहीं बजट पेश न होने के चलते शहर में विकास कार्य भी प्रभावित होंगे।
कोट
अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने कहा कि बैठक में शहर के विकास और लोगों से जुड़े कार्यों का अनुमोदन होना था। बैठक में न आकर पार्षद लोगों के कार्यों में ही बाधा बन रहे हैं। अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने का पत्र डीसी को सौंपा गया है।
उपाध्यक्ष संदीप भारद्वाज ने कहा कि कायदे से पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए। अविश्वास प्रस्ताव के बीच अध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकते हैं। डीसी हमीरपुर से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की गई है।
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अध्यक्ष समेत महज चार पार्षद बैठक में पहुंचे, कोरम पूरा न होने से बैठक हुई स्थगित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुुर। नगर परिषद हमीरपुर की बजट और आम बैठक का उपाध्यक्ष सहित सात पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा बैठक न बुलाए जाने से नाराज नगर परिषद हमीरपुर के 11 में से सात पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे। महज नगर परिषद के अध्यक्ष मनोज मिन्हास और अन्य तीन पार्षद पहुंचे। बैठक कोरम न होने के चलते स्थगित कर दी गई। बैठक नगर परिषद हमीरपुर के कार्यालय में साढ़े 11 बजे तय थी, लेकिन अधिकतर पार्षदों ने बैठक से दूरी बना ली।
बीते दिन ही छह पार्षदों ने डीसी हमीरपुर से मिलकर वर्तमान अध्यक्ष मनोज मिन्हास के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। हालांकि, इससे पहले अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने छह पार्षदों के हस्ताक्षर किए हुए पत्र को डीसी को सौंप कर अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की थी। चार माह पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ नगर परिषद हमीरपुर के 11 में से 10 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। चुनाव के चलते चार माह तक जिले में आचार संहिता रही। आचार संहिता के चलते अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई। अब आचार संहिता हटते ही भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए नगर परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने के पक्ष में डीसी से अपील की लेकिन कुछ घंटों के बाद इस अपील पर हस्ताक्षर करने वाली महिला पार्षद पुष्पा शर्मा पीछे हट गईं। उन्होंने शाम को पार्षदों के दूसरे प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की। हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर ने कहा कि बैठक में कोरम पूरा नहीं हो सका है। जल्द ही बैठक की नई तिथि तय की जाएगी।
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अध्यक्ष के पक्ष में हस्ताक्षर करने वाले पार्षद भी नदारद
जिस अपील पत्र के जरिये अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने डीसी के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की थी उस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले वार्ड नंबर दस के पार्षद सुशील व वार्ड नंबर नौ की पार्षद पुष्पा शर्मा भी बैठक में नहीं पहुंचीं। बैठक में अध्यक्ष मनोज मिन्हास, पार्षद राजकुमार, राधारानी और नीना पहुंची थीं जबकि उपाध्यक्ष संदीप भारद्वाज, सुशील शर्मा, विनय कुमार, पुष्पा शर्मा, सुदेशानंद, वकील सिंह, डिंपल बाला ने बैठक से दूरी बना ली।
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बजट पेश करने में चार माह की देरी
कायदे से हर साल अप्रैल में नगर परिषद का सालाना बजट पेश किया जाता है लेकिन मार्च में आचार संहिता के लागू होने के चलते अब तक बैठक आयोजित नहीं हो पाई है। आचार संहिता हटने के बाद बुलाई गई बैठक का पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया है। इसके अलावा आम बैठक भी आयोजित नहीं हो सकी है। आम बैठक में लोगों से जुड़े प्रमाण पत्रों, एनओसी इत्यादि का अनुमोदन होता है लेकिन यह कार्य पिछले चार माह से थम गए हैं। वहीं बजट पेश न होने के चलते शहर में विकास कार्य भी प्रभावित होंगे।
कोट
अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने कहा कि बैठक में शहर के विकास और लोगों से जुड़े कार्यों का अनुमोदन होना था। बैठक में न आकर पार्षद लोगों के कार्यों में ही बाधा बन रहे हैं। अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त करने का पत्र डीसी को सौंपा गया है।
उपाध्यक्ष संदीप भारद्वाज ने कहा कि कायदे से पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए। अविश्वास प्रस्ताव के बीच अध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकते हैं। डीसी हमीरपुर से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की गई है।