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साढ़े तीन साल पहले रोड पास, अब हो गया फेल
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मीरपुर से पटलांदर वाया देई का नौण-नरेली-चलोखर मार्ग पर ट्रायल के दौरान फंसी बस।
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। हमीरपुर से पटलांदर वाया देई का नौण-नरेली-चलोखर मार्ग साढ़े तीन साल के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के ट्रायल में फेल हो गया है। निगम प्रबंधन ने इस मार्ग को निगम की बसों के लिए अनफिट करार दिया है। सोमवार को निगम प्रबंधन ने इस मार्ग पर बस रूट शुरू करने को लेकर एक बस ट्रायल के लिए भेजी थी, जो संकरी सड़क में फंस गई। जिसके बाद बड़ी मुश्किल से बस को मोड़ कर वापस हमीरपुर बस स्टैंड लाया गया।
वहीं, ग्राम पंचायत देई का नौण के प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस बस ट्रायल की किसी को सूचना न देने के आरोप लगाए हैं। पंचायत प्रधान रंजन शर्मा ने बताया कि 4 जून 2016 को इस मार्ग पर एचआरटीसी ने 47 सीटर बस का सफल ट्रायल किया था। जिसके बाद एसडीएम हमीरपुर, लोनिवि के अधिशाषी अभियंता, पुलिस अधीक्षक, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक वाली कमेटी ने इस मार्ग को बसों के लिए उचित बताया था। अब साढ़े तीन साल बाद ही यह मार्ग कैसे बसों के लिए फेल हो गया। उन्होंने बताया कि हमीरपुर-पटलांदर वाया कुठेड़ा, देई का नौण, नरेली और चखोलर मार्ग पर करीब 1800 से अधिक की आबादी रहती है। जिन्हें आजादी से आज दिन तक बस सुविधा नहीं मिल पाई है। लोगों को जंगल के रास्ते पैदल सफर कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अब कुछ धनासेठों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। लेकिन, राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन इन अवैध कब्जों को हटाने की जहमत नहीं उठा रहा। जिसके चलते ग्रामीण बस सुविधा से वंचित हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन की कारगुजारी पर सवाल उठाते हुए तुरंत अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
मार्ग पर कई जगह फंस गई निगम की बस
हमीरपुर-पटलांदर वाया देई का नौण नरेली चलोखर बस रूट पर बस का ट्रायल किया गया। लेकिन, मार्ग संकरा होने के चलते बस कई जगह इस मार्ग में फंस गई। जिसके चलते इस मार्ग पर बस सेवा शुरू नहीं की जा सकती।
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-विवेक लखनपाल, आरएम, एचआरटीसी हमीरपुर।
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वहीं, ग्राम पंचायत देई का नौण के प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस बस ट्रायल की किसी को सूचना न देने के आरोप लगाए हैं। पंचायत प्रधान रंजन शर्मा ने बताया कि 4 जून 2016 को इस मार्ग पर एचआरटीसी ने 47 सीटर बस का सफल ट्रायल किया था। जिसके बाद एसडीएम हमीरपुर, लोनिवि के अधिशाषी अभियंता, पुलिस अधीक्षक, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक वाली कमेटी ने इस मार्ग को बसों के लिए उचित बताया था। अब साढ़े तीन साल बाद ही यह मार्ग कैसे बसों के लिए फेल हो गया। उन्होंने बताया कि हमीरपुर-पटलांदर वाया कुठेड़ा, देई का नौण, नरेली और चखोलर मार्ग पर करीब 1800 से अधिक की आबादी रहती है। जिन्हें आजादी से आज दिन तक बस सुविधा नहीं मिल पाई है। लोगों को जंगल के रास्ते पैदल सफर कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अब कुछ धनासेठों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। लेकिन, राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन इन अवैध कब्जों को हटाने की जहमत नहीं उठा रहा। जिसके चलते ग्रामीण बस सुविधा से वंचित हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन की कारगुजारी पर सवाल उठाते हुए तुरंत अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
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मार्ग पर कई जगह फंस गई निगम की बस
हमीरपुर-पटलांदर वाया देई का नौण नरेली चलोखर बस रूट पर बस का ट्रायल किया गया। लेकिन, मार्ग संकरा होने के चलते बस कई जगह इस मार्ग में फंस गई। जिसके चलते इस मार्ग पर बस सेवा शुरू नहीं की जा सकती।
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-विवेक लखनपाल, आरएम, एचआरटीसी हमीरपुर।
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