{"_id":"693f0d14bf7b46c7a20258d6","slug":"pansais-karthikeya-became-lieutenant-following-the-path-of-brigadier-father-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-176810-2025-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: ब्रिगेडियर पिता की राह पर चलकर लेफ्टिनेंट बने पनसाई के कार्तिकेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: ब्रिगेडियर पिता की राह पर चलकर लेफ्टिनेंट बने पनसाई के कार्तिकेय
Mon, 15 Dec 2025 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
पनसाई निवासी लेफ्टिनेंट कार्तिकेय पिता ब्रिगेडियर राजन अग्निहोत्री व माता अर्चना अग्निहोत्री के
नादौन(हमीरपुर)। ब्रिगेडियर पिता राजन अग्निहोत्री की राह पर चलते हुए कार्तिकेय ने शनिवार को आईएमए देहरादून से देशसेवा का प्रण लिया।
देहरादून में पिता ब्रिगेडियर राजन अग्निहोत्री और माता अर्चना अग्निहोत्री ने जब बेटे के कंधे पर बैच पहनाए तो सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे दादा सेवानिवृत्त प्रो. जेपी अग्निहोत्री और दादी सेवानिवृत्त प्राचार्य लक्ष्मी अग्निहोत्री की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। उपमंडल नादौन के पनसाई निवासी प्रो. जेपी अग्निहोत्री हमीरपुर शहर के साथ सटे हीरानगर में परिवार के साथ रहते हैं।
लेफ्टिनेंट कार्तिकेय के पिता ब्रिगेडियर राजन अग्निहोत्री ने कहा कि बेटा बचपन से ही जब मुझे वर्दी में देखता तो कहता था कि पापा मैं भी आपकी तरह वर्दी पहनूंगा। बेटे का आज यह सपना साकार हुआ है। पिता से अधिक मुझे एक सैनिक के रूप में गर्व है, जब वर्दी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपी जाती है। माता अर्चना अग्निहोत्री का कहना है कि बेटे को अधिकारी बनते देखना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र को एक समर्पित सपूत सौंपने का संतोष है।
मार्च 2004 में जन्मे कार्तिकेय ने आर्मी पब्लिक स्कूल महू मध्य प्रदेश से जमा दो की पढ़ाई की है, इससे पहले दो साल तक धर्मशाला के सिद्धवाड़ी स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल में भी बेहतरीन विद्यार्थी रहे हैं। शनिवार को इस समारोह में कार्तिकेय के चाचा सुनीत अग्निहोत्री व चाची कविता अग्निहोत्री भी साक्षी रहे। कार्तिकेय की छोटी बहन श्रेया अग्निहोत्री मुंबई स्थित विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून में पिता ब्रिगेडियर राजन अग्निहोत्री और माता अर्चना अग्निहोत्री ने जब बेटे के कंधे पर बैच पहनाए तो सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे दादा सेवानिवृत्त प्रो. जेपी अग्निहोत्री और दादी सेवानिवृत्त प्राचार्य लक्ष्मी अग्निहोत्री की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। उपमंडल नादौन के पनसाई निवासी प्रो. जेपी अग्निहोत्री हमीरपुर शहर के साथ सटे हीरानगर में परिवार के साथ रहते हैं।
लेफ्टिनेंट कार्तिकेय के पिता ब्रिगेडियर राजन अग्निहोत्री ने कहा कि बेटा बचपन से ही जब मुझे वर्दी में देखता तो कहता था कि पापा मैं भी आपकी तरह वर्दी पहनूंगा। बेटे का आज यह सपना साकार हुआ है। पिता से अधिक मुझे एक सैनिक के रूप में गर्व है, जब वर्दी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपी जाती है। माता अर्चना अग्निहोत्री का कहना है कि बेटे को अधिकारी बनते देखना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र को एक समर्पित सपूत सौंपने का संतोष है।
विज्ञापन
मार्च 2004 में जन्मे कार्तिकेय ने आर्मी पब्लिक स्कूल महू मध्य प्रदेश से जमा दो की पढ़ाई की है, इससे पहले दो साल तक धर्मशाला के सिद्धवाड़ी स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल में भी बेहतरीन विद्यार्थी रहे हैं। शनिवार को इस समारोह में कार्तिकेय के चाचा सुनीत अग्निहोत्री व चाची कविता अग्निहोत्री भी साक्षी रहे। कार्तिकेय की छोटी बहन श्रेया अग्निहोत्री मुंबई स्थित विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रही हैं।
विज्ञापन