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Hamirpur (Himachal) News: अब सरकारी स्कूलों में पश्चिमी पहनावे में नहीं आ सकेंगे शिक्षक
Fri, 28 Feb 2025 12:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 28 Feb 2025 12:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिलाभर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को मर्यादित पहनावा अनिवार्य किया गया है। मनमर्जी के पश्चिमी पहनावे के साथ शिक्षक स्कूल में नहीं आ सकेंगे।
स्कूलों में शिक्षकों को मर्यादित वेशभूषा में ही विद्यार्थियों की कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि स्कूल में अनुशासन से विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा सके। वार्षिक समारोह, खेलकूद गतिविधि कार्यक्रम सहित अन्य कार्यक्रमों के दौरान भी शिक्षकों को सरल एवं अनुशासित ड्रेस कोड रखना होगा।
नियमों का पालन न करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा। गठित कमेटी रिपोर्ट बनाकर शिक्षा निदेशालय को प्रेषित करेगी, जिसके उपरांत शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वर्तमान में जिलाभर के आधा दर्जन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों ने आपसी सहमति और सहयोग से निजी तौर पर स्कूलों में एक जैसा ड्रेस कोड तैयार किया है, ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया जा सके। वहीं, अधिकांश स्कूलों में शिक्षक प्रचलन के हिसाब से कपड़े पहनकर विद्यार्थियों की कक्षाएं लगा रहे हैं।
ऐसे में विद्यार्थियों को लेकर शिक्षा विभाग ने जिलाभर के स्कूलों को सभ्य ड्रेस कोड लागू करने और साधे कपड़ों में विद्यार्थियों की कक्षाएं न लगाने के आदेश जारी किए हैं, ताकि स्कूलों में अनुशासन बनाया जा सके।
मार्च माह में विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं होने के बाद ही स्कूलों में नियमों को लागू किया जाएगा।
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हमीरपुर। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिलाभर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को मर्यादित पहनावा अनिवार्य किया गया है। मनमर्जी के पश्चिमी पहनावे के साथ शिक्षक स्कूल में नहीं आ सकेंगे।
स्कूलों में शिक्षकों को मर्यादित वेशभूषा में ही विद्यार्थियों की कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि स्कूल में अनुशासन से विद्यार्थियों को प्रेरित किया जा सके। वार्षिक समारोह, खेलकूद गतिविधि कार्यक्रम सहित अन्य कार्यक्रमों के दौरान भी शिक्षकों को सरल एवं अनुशासित ड्रेस कोड रखना होगा।
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नियमों का पालन न करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा। गठित कमेटी रिपोर्ट बनाकर शिक्षा निदेशालय को प्रेषित करेगी, जिसके उपरांत शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वर्तमान में जिलाभर के आधा दर्जन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों ने आपसी सहमति और सहयोग से निजी तौर पर स्कूलों में एक जैसा ड्रेस कोड तैयार किया है, ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया जा सके। वहीं, अधिकांश स्कूलों में शिक्षक प्रचलन के हिसाब से कपड़े पहनकर विद्यार्थियों की कक्षाएं लगा रहे हैं।
ऐसे में विद्यार्थियों को लेकर शिक्षा विभाग ने जिलाभर के स्कूलों को सभ्य ड्रेस कोड लागू करने और साधे कपड़ों में विद्यार्थियों की कक्षाएं न लगाने के आदेश जारी किए हैं, ताकि स्कूलों में अनुशासन बनाया जा सके।
मार्च माह में विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं होने के बाद ही स्कूलों में नियमों को लागू किया जाएगा।