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Hamirpur (Himachal) News: नौकरी नहीं, हुनर ने खोली कमाई की राह
Fri, 28 Aug 2026 12:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:49 AM IST
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चौकी की सोनिका कांत घर पर कपड़ों की सिलाई करते हुए। संवाद
हमीरपुर। नौकरी की तलाश में समय गंवाने के बजाय कुछ अपना करने की सोच हो तो घर से भी रोजगार की शुरुआत की जा सकती है। चौकी की सोनिका कांत ने इसी सोच को सच कर दिखाया है। बीसीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने के बजाय उन्होंने सिलाई-कढ़ाई के हुनर को स्वरोजगार का जरिया बनाया।
आज वह घर से ही सिलाई-कढ़ाई का काम कर हर माह करीब 10 से 15 हजार रुपये कमा रही हैं। सोनिका ने सिलाई का काम सीखने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया। घर में पहले से सिलाई मशीन होने के कारण उन्होंने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
कपड़ों की कटिंग, सिलाई और डिजाइन तैयार करने के लिए वह यूट्यूब पर वीडियो देखतीं और छोटे-छोटे काम से अभ्यास शुरू किया। किसी डिजाइन या सिलाई में परेशानी आने पर वीडियो दोबारा देखकर अभ्यास करती रहीं। लगातार मेहनत से उनके काम में निखार आता गया।
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धीरे-धीरे आसपास के लोगों को उनके काम की जानकारी हुई और कपड़े सिलवाने के लिए लोग उनके घर पहुंचने लगे। अब वह महिलाओं के कपड़ों की सिलाई के साथ विभिन्न तरह की कढ़ाई और डिजाइनिंग का काम भी करती हैं।
ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार कपड़ों की डिजाइन और सिलाई करवाने के लिए उनके पास आते हैं। काम बढ़ने के साथ उनकी आमदनी भी बढ़ी है। सोनिका के पति एनआईटी में कार्यरत हैं, जबकि उनका एक बेटा स्कूल में पढ़ाई करता है।
सोनिका की कहानी बताती है कि हुनर और सीखने की इच्छाशक्ति हो तो घर से भी स्वरोजगार की राह शुरू की जा सकती है।
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आज वह घर से ही सिलाई-कढ़ाई का काम कर हर माह करीब 10 से 15 हजार रुपये कमा रही हैं। सोनिका ने सिलाई का काम सीखने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया। घर में पहले से सिलाई मशीन होने के कारण उन्होंने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
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कपड़ों की कटिंग, सिलाई और डिजाइन तैयार करने के लिए वह यूट्यूब पर वीडियो देखतीं और छोटे-छोटे काम से अभ्यास शुरू किया। किसी डिजाइन या सिलाई में परेशानी आने पर वीडियो दोबारा देखकर अभ्यास करती रहीं। लगातार मेहनत से उनके काम में निखार आता गया।
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धीरे-धीरे आसपास के लोगों को उनके काम की जानकारी हुई और कपड़े सिलवाने के लिए लोग उनके घर पहुंचने लगे। अब वह महिलाओं के कपड़ों की सिलाई के साथ विभिन्न तरह की कढ़ाई और डिजाइनिंग का काम भी करती हैं।
ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार कपड़ों की डिजाइन और सिलाई करवाने के लिए उनके पास आते हैं। काम बढ़ने के साथ उनकी आमदनी भी बढ़ी है। सोनिका के पति एनआईटी में कार्यरत हैं, जबकि उनका एक बेटा स्कूल में पढ़ाई करता है।
सोनिका की कहानी बताती है कि हुनर और सीखने की इच्छाशक्ति हो तो घर से भी स्वरोजगार की राह शुरू की जा सकती है।