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Hamirpur (Himachal) News: स्मारक का निर्माण अधूरा, अव्यवस्था के बीच हुई माल्यार्पण की परंपरा
Fri, 02 Jan 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:40 AM IST
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-राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक।
हमीरपुर। वीरभूमि हमीरपुर के वीर सपूतों की याद में बन रहा युद्ध स्मारक अव्यवस्था के चलते बलिदानियों के सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है। निर्माणाधीन युद्ध स्मारक में फैली अव्यवस्थाएं शासन की संवेदनहीनता को दर्शा रही हैं।
बलिदानी कैप्टन मृदुल शर्मा के बलिदान दिवस पर अधिकारी और नेता यहां पर फूलमालाएं चढ़ाने पहुंचे, लेकिन वर्षों से स्थिर अव्यवस्था में तिनके भर का बदलाव नहीं हुआ। जिला मुख्यालय से 300 मीटर दूर निर्माणाधीन इस स्मारक के मुख्य गेट पर लगे ईंटों के ढेर लोगों का स्वागत कर रहे हैं।
वीरवार को पूर्वाहन 11 बजे बलिदानी कैप्टन मृदुल शर्मा की जयंती पर जिला प्रशासन के साथ कई बड़े नेता उन्हें सम्मान देने लिए पहुंचे, लेकिन स्मारक स्थल पर फैली अव्यवस्थाओं की ओर से किसी ने ध्यान नहीं दिया। परंपरा के अनुसार बलिदानी की प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित करने की औपचारिकताएं पूरी हुईं।
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बीते वर्ष कारिगल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में औपचारिकता के तौर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चौक के समीप स्मारक प्लेट और मूर्ति को पेंट किया गया था, लेकिन अब जयंती पर पार्क में निर्माणाधीन युद्ध स्मारक में स्थापित मूर्ति की दुर्दशा अनदेखी को उजागर कर रही है। युद्ध स्मारक के चारों ओर निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी हैं।
वहीं, स्मारक के साथ लगे डंगे में दरारें आ गई हैं, लेकिन बजट की कमी होने का हवाला देकर अधिकारियों ने कार्य को बंद कर दिया है। स्मारक का निर्माण सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से करवाया जा रहा है। इस पर करीब 74 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका निर्माण बलिदानी मृदुल शर्मा सहित जिले के अन्य वीर सपूतों की याद में किया जा रहा है।
दो साल से बजट की कमी से इसका निर्माण अधर में है। हैरानी की बात है कि युद्ध स्मारक के साथ लोगों के बैठने के लिए बनाए गए स्टेडियम पर लगाई गई टाइलें भी टूट गई हैं, लेकिन बजट का हवाला देकर कार्य में देरी की जा रही है।
कोट्स
हमीरपुर जिले को वीरभूमि के नाम से जाना जाता है। सरकार को स्मारक का कार्य शीघ्र पूर्ण करवाना चाहिए, ताकि बलिदानियों को उचित सम्मान मिल सके। -राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक
जिलेभर से पूर्व सैनिक लंबे समय से युद्ध स्मारक का कार्य पूरा करने की मांग कर रहे हैं। कार्य को पूरा करने में विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। -जगदीश वर्मा, सेवानिवृत्त कैप्टन
देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले पूर्व सैनिकों की याद में बनाई जा रही परियोजना पूरी होने से पहले ही अनदेखी का शिकार हो गई है, जो कि बलिदानियों के सम्मान में ठेस है। -कुलतार सिंह गुलेरिया, सेवानिवृत्त कैप्टन
दो बार विभाग को निर्माण कार्य को पुन: शुरू करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन कार्य को पूरा करने में लापरवाही बरती जा रही है, जल्द काम पूरा होना चाहिए। -अनिल कौशल, जागरूक पाठक
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बलिदानी कैप्टन मृदुल शर्मा के बलिदान दिवस पर अधिकारी और नेता यहां पर फूलमालाएं चढ़ाने पहुंचे, लेकिन वर्षों से स्थिर अव्यवस्था में तिनके भर का बदलाव नहीं हुआ। जिला मुख्यालय से 300 मीटर दूर निर्माणाधीन इस स्मारक के मुख्य गेट पर लगे ईंटों के ढेर लोगों का स्वागत कर रहे हैं।
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वीरवार को पूर्वाहन 11 बजे बलिदानी कैप्टन मृदुल शर्मा की जयंती पर जिला प्रशासन के साथ कई बड़े नेता उन्हें सम्मान देने लिए पहुंचे, लेकिन स्मारक स्थल पर फैली अव्यवस्थाओं की ओर से किसी ने ध्यान नहीं दिया। परंपरा के अनुसार बलिदानी की प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित करने की औपचारिकताएं पूरी हुईं।
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बीते वर्ष कारिगल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में औपचारिकता के तौर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चौक के समीप स्मारक प्लेट और मूर्ति को पेंट किया गया था, लेकिन अब जयंती पर पार्क में निर्माणाधीन युद्ध स्मारक में स्थापित मूर्ति की दुर्दशा अनदेखी को उजागर कर रही है। युद्ध स्मारक के चारों ओर निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी हैं।
वहीं, स्मारक के साथ लगे डंगे में दरारें आ गई हैं, लेकिन बजट की कमी होने का हवाला देकर अधिकारियों ने कार्य को बंद कर दिया है। स्मारक का निर्माण सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से करवाया जा रहा है। इस पर करीब 74 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका निर्माण बलिदानी मृदुल शर्मा सहित जिले के अन्य वीर सपूतों की याद में किया जा रहा है।
दो साल से बजट की कमी से इसका निर्माण अधर में है। हैरानी की बात है कि युद्ध स्मारक के साथ लोगों के बैठने के लिए बनाए गए स्टेडियम पर लगाई गई टाइलें भी टूट गई हैं, लेकिन बजट का हवाला देकर कार्य में देरी की जा रही है।
कोट्स
हमीरपुर जिले को वीरभूमि के नाम से जाना जाता है। सरकार को स्मारक का कार्य शीघ्र पूर्ण करवाना चाहिए, ताकि बलिदानियों को उचित सम्मान मिल सके। -राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक
जिलेभर से पूर्व सैनिक लंबे समय से युद्ध स्मारक का कार्य पूरा करने की मांग कर रहे हैं। कार्य को पूरा करने में विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। -जगदीश वर्मा, सेवानिवृत्त कैप्टन
देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले पूर्व सैनिकों की याद में बनाई जा रही परियोजना पूरी होने से पहले ही अनदेखी का शिकार हो गई है, जो कि बलिदानियों के सम्मान में ठेस है। -कुलतार सिंह गुलेरिया, सेवानिवृत्त कैप्टन
दो बार विभाग को निर्माण कार्य को पुन: शुरू करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन कार्य को पूरा करने में लापरवाही बरती जा रही है, जल्द काम पूरा होना चाहिए। -अनिल कौशल, जागरूक पाठक

-राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक।

-राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक।

-राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक।

-राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक।

-राजेश ठाकुर, जागरूक पाठक।