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विज्ञापनों और पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों पर रखें नजर : डीसी
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लोकसभा चुनाव के लिए गठित जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति की अध्यक्षता करते जिला नि
हमीरपुर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अमरजीत सिंह ने लोकसभा चुनाव में विज्ञापनों और पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों में नजर रखने के निर्देश दिए हैं। लोकसभा चुनाव के लिए गठित जिलास्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति के सभी सदस्यों और उनके अधीनस्थ टीमों को निर्देश दिए हैं कि वे आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल मीडिया में प्रकाशित, प्रसारित या वायरल होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों, बल्क मैसेज तथा पेड न्यूज के संदिग्ध मामलों पर नजर रखें। वीरवार को एमसीएमसी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने ये निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर भारत निर्वाचन आयोग की कड़ी नजर रहती है। इसमें प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल मीडिया के विज्ञापनों, बल्क मैसेज और पेड न्यूज पर किए जाने वाले खर्चे भी शामिल हैं। उपायुक्त ने कहा कि इन खर्चों की निगरानी के लिए जिलास्तरीय एमसीएमसी के तहत उपायुक्त कार्यालय परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी।
अमरजीत सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में ऑडियो-विजुअल राजनीतिक विज्ञापन एवं संदेश प्रसारित करने के लिए एमसीएमसी की पूर्व अनुमति एवं सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। इसके अलावा मतदान से एक दिन पहले या मतदान के दिन प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए भी एमसीएमसी से अनुमति लेनी होगी।
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बैठक में एमसीएमसी से संबंधित विभिन्न प्रबंधों पर व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर एडीसी मनेष यादव, एसडीएम हमीरपुर मनीष सोनी, निर्वाचन विभाग के तहसीलदार उपेंद्रनाथ शुक्ला, एमसीएमसी के सदस्य चंद्रशेखर शर्मा, अनुज कुमार, विजय कुमार और अन्य सदस्यों ने उपायुक्त को विभिन्न प्रबंधों से अवगत करवाया।
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उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर भारत निर्वाचन आयोग की कड़ी नजर रहती है। इसमें प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सोशल मीडिया के विज्ञापनों, बल्क मैसेज और पेड न्यूज पर किए जाने वाले खर्चे भी शामिल हैं। उपायुक्त ने कहा कि इन खर्चों की निगरानी के लिए जिलास्तरीय एमसीएमसी के तहत उपायुक्त कार्यालय परिसर में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी।
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अमरजीत सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार आदर्श आचार संहिता की अवधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में ऑडियो-विजुअल राजनीतिक विज्ञापन एवं संदेश प्रसारित करने के लिए एमसीएमसी की पूर्व अनुमति एवं सर्टिफिकेशन अनिवार्य है। इसके अलावा मतदान से एक दिन पहले या मतदान के दिन प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए भी एमसीएमसी से अनुमति लेनी होगी।
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बैठक में एमसीएमसी से संबंधित विभिन्न प्रबंधों पर व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर एडीसी मनेष यादव, एसडीएम हमीरपुर मनीष सोनी, निर्वाचन विभाग के तहसीलदार उपेंद्रनाथ शुक्ला, एमसीएमसी के सदस्य चंद्रशेखर शर्मा, अनुज कुमार, विजय कुमार और अन्य सदस्यों ने उपायुक्त को विभिन्न प्रबंधों से अवगत करवाया।