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Hamirpur (Himachal) News: दोहरी खेती से जुड़ेगा झिंझकरी गांव, अमरूद से आर्थिकी होगी मजबूत
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27 किसान परिवारों को मिल रहा शिवा प्रोजेक्ट के एक फल एक क्लस्टर का लाभ
योजना के तहत गांव में 10 हेक्टेयर में लगाए जाएंगे अमरूद के 12 हजार पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा (हमीरपुर)। जिले के झिंझकरी गांव में किसान अब दोहरी खेती करेंगे। पारंपरिक फसलों के साथ गांव के 27 किसान परिवार अब अमरूद की बागवानी भी करेंगे। जल्द ही गांव में अमरूद की फसल महक बिखेरेगी। गांव में शिवा प्रोजेक्ट के तहत अमरूद का क्लस्टर विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में अमरूद की विभिन्न किस्मों की पौध 30 कनाल में लगाई गई है।
30 कनाल में 1200 पौधे लगाए गए हैं। यहां पर जल्द ही 10 हेक्टेयर में 12 हजार अमरूद के पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए बागवानी विभाग ने योजना तैयार कर ली है। इससे पूर्व भी जिले में मौसमी, अमरूद के क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं। शिवा प्रोजेक्ट के तहत किसानों को बागवानी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में इससे पूर्व अमरूद के दो क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं। इन क्लस्टर में इस साल फसल आने वाली है। झिंझकरी गांव में प्रथम चरण यानी प्रथम पंक्ति प्रदर्शन में तीस कनाल में 1200 पौधे लगाए गए हैं जबकि द्वितीय चरण में गांव में 27 किसान परिवारों की 10 हेक्टेयर जमीन में 12 हजार पौधे लगाए जाएंगे। जिले में बीड़ बगेहड़ा, जोल और भलेऊ अमरूद के क्लस्टर विकसित हो गए है। इन क्लस्टर में इस साल फसल आने की उम्मीद है। तीनों क्लस्टर में 50 के करीब किसान परिवार अमरूद की खेती से जुड़े हैं।
किसान बोले- दोहरी खेती से मिलेगा लाभ, तीन साल में मिलेगी फसल
झिंझकरी गांव के किसानों हेमराज, जगदीश, ज्ञान चंद, आशीष कुमार, अजय कुमार, सूबेदार राजेंद्र सिंह, प्यार चंद, जगदेव, नेकराम, बृज लाल, मनोहर लाल ने कहा कि अमरूद का क्लस्टर विकसित होने से वे मक्की और गेहूं की प्राकृतिक खेती के साथ अमरूद की नगदी खेती कर पाएंगे। किसानों ने उम्मीद जताई है कि इस योजना के सफल होने पर उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी। तीन साल में गांव में फसल मिलना शुरू हो जाएगी।
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कोट
उद्यान विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक राजेश्वर ठाकुर ने कहा कि झिंझकरी क्लस्टर 25 लाख रुपये खर्च किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रथम पंक्ति प्रदर्शन में 1200 पौधे तीस कनाल भूमि में लगाए गए हैं। द्वितीय चरण में 12 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
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योजना के तहत गांव में 10 हेक्टेयर में लगाए जाएंगे अमरूद के 12 हजार पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा (हमीरपुर)। जिले के झिंझकरी गांव में किसान अब दोहरी खेती करेंगे। पारंपरिक फसलों के साथ गांव के 27 किसान परिवार अब अमरूद की बागवानी भी करेंगे। जल्द ही गांव में अमरूद की फसल महक बिखेरेगी। गांव में शिवा प्रोजेक्ट के तहत अमरूद का क्लस्टर विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में अमरूद की विभिन्न किस्मों की पौध 30 कनाल में लगाई गई है।
30 कनाल में 1200 पौधे लगाए गए हैं। यहां पर जल्द ही 10 हेक्टेयर में 12 हजार अमरूद के पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए बागवानी विभाग ने योजना तैयार कर ली है। इससे पूर्व भी जिले में मौसमी, अमरूद के क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं। शिवा प्रोजेक्ट के तहत किसानों को बागवानी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में इससे पूर्व अमरूद के दो क्लस्टर विकसित किए जा चुके हैं। इन क्लस्टर में इस साल फसल आने वाली है। झिंझकरी गांव में प्रथम चरण यानी प्रथम पंक्ति प्रदर्शन में तीस कनाल में 1200 पौधे लगाए गए हैं जबकि द्वितीय चरण में गांव में 27 किसान परिवारों की 10 हेक्टेयर जमीन में 12 हजार पौधे लगाए जाएंगे। जिले में बीड़ बगेहड़ा, जोल और भलेऊ अमरूद के क्लस्टर विकसित हो गए है। इन क्लस्टर में इस साल फसल आने की उम्मीद है। तीनों क्लस्टर में 50 के करीब किसान परिवार अमरूद की खेती से जुड़े हैं।
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किसान बोले- दोहरी खेती से मिलेगा लाभ, तीन साल में मिलेगी फसल
झिंझकरी गांव के किसानों हेमराज, जगदीश, ज्ञान चंद, आशीष कुमार, अजय कुमार, सूबेदार राजेंद्र सिंह, प्यार चंद, जगदेव, नेकराम, बृज लाल, मनोहर लाल ने कहा कि अमरूद का क्लस्टर विकसित होने से वे मक्की और गेहूं की प्राकृतिक खेती के साथ अमरूद की नगदी खेती कर पाएंगे। किसानों ने उम्मीद जताई है कि इस योजना के सफल होने पर उनकी आर्थिकी भी मजबूत होगी। तीन साल में गांव में फसल मिलना शुरू हो जाएगी।
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कोट
उद्यान विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक राजेश्वर ठाकुर ने कहा कि झिंझकरी क्लस्टर 25 लाख रुपये खर्च किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रथम पंक्ति प्रदर्शन में 1200 पौधे तीस कनाल भूमि में लगाए गए हैं। द्वितीय चरण में 12 हजार पौधे लगाए जाएंगे।