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जिला आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी बंद
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IPD of District Ayurvedic Hospital closed
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हमीरपुर। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में अब मरीजों को दाखिल होने की सुविधा नहीं मिलेगी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बढ़ रहे कोरोना मरीजों के लिए जिला प्रशासन ने आयुर्वेदिक अस्पताल के पुराने भवन के एक फ्लोर को जिला कोविड हेल्थ सेंटर बना दिया है और यहां कोरोना के मरीज दाखिल किए जा रहे हैं। जबकि, यहां आईपीडी (इन पेशेंट डिपार्टमेंट) में उपचार ले रहे मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। इससे पहले आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन में जिला कोविड हेल्थ सेंटर चल रहा था। इस कारण आयुर्वेदिक अस्पताल की ओपीडी भी 250 से गिरकर 50 तक रह गई थी।
अब ओपीडी भवन की ऊपरी मंजिल को भी जिला कोविड हेल्थ सेंटर बनाने से मरीजों का डर और बढ़ गया है। आयुर्वेदिक भवन परिसर में कोरोना मरीजों के दाखिल होने के चलते लोग यहां आने से डर रहे हैं। उपायुक्त ने आठ अप्रैल को कोरोना की दूसरी लहर में बढ़े मरीजों की संख्या को देखते हुए पुरानी भवन की चौथी मंजिल को जिला कोविड हेल्थ सेंटर बनाने की अधिसूचना जारी की है। इसके साथ ही इस मंजिल को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद से आयुर्वेदिक अस्पताल में आईपीडी सेवा बंद कर दी गई हैं और यहां कोरोना मरीजों को रखा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के एमएस डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि डीसीएचसी के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल की चौथी मंजिल के ऑर्डर मिले हैं।
मरीजों की संख्या बढ़ रही है और इसके चलते यहां 15 बेड की सुविधा है। आयुर्वेदिक अस्पताल की एमएस डॉक्टर पूनम शर्मा ने कहा कि कोरोना के प्रभाव के चलते संक्रमित मरीज बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों उपायुक्त के आदेश प्राप्त हुए थे। जिसके चलते कुछ समय के लिए आईपीडी को बंद रखा गया है। जैसे ही कोरोना का प्रभाव कम होगा। आईपीडी को पहले की तरह सुचारु रूप से चालू कर दिया जाएगा।
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आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी चालू रखने की मांग
रंगस (हमीरपुर)। आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी को बंद करने से यहां उपचार करवाने वाले क्षेत्र के मरीजों में रोष पनप रहा है। वरिष्ठ नागरिकों सहित अन्य मरीज अपना उपचार करवाने इस अस्पताल में आते हैं। इनमें से कइयों को आपातकाल की स्थिति में दाखिल भी करना पड़ता है, लेकिन वर्तमान में मरीज इस सुविधा से वंचित हो रहे हैं।
उपचार करवाने वाले लोगों में रामचंद, ब्रह्म दास, रघुवीर सिंह, विधि चंद, विमला देवी, केसरी देवी तथा शीला देवी एवं अन्य कई वरिष्ठ नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अस्पताल से कोरोना संक्रमित मरीजों को समर्पित कोविड केयर सेंटर सलासी तथा अन्य कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया जाए तथा इस अस्पताल की आईपीडी को पहले की तरह चालू किया जाए।
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अब ओपीडी भवन की ऊपरी मंजिल को भी जिला कोविड हेल्थ सेंटर बनाने से मरीजों का डर और बढ़ गया है। आयुर्वेदिक भवन परिसर में कोरोना मरीजों के दाखिल होने के चलते लोग यहां आने से डर रहे हैं। उपायुक्त ने आठ अप्रैल को कोरोना की दूसरी लहर में बढ़े मरीजों की संख्या को देखते हुए पुरानी भवन की चौथी मंजिल को जिला कोविड हेल्थ सेंटर बनाने की अधिसूचना जारी की है। इसके साथ ही इस मंजिल को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद से आयुर्वेदिक अस्पताल में आईपीडी सेवा बंद कर दी गई हैं और यहां कोरोना मरीजों को रखा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के एमएस डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि डीसीएचसी के लिए आयुर्वेदिक अस्पताल की चौथी मंजिल के ऑर्डर मिले हैं।
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मरीजों की संख्या बढ़ रही है और इसके चलते यहां 15 बेड की सुविधा है। आयुर्वेदिक अस्पताल की एमएस डॉक्टर पूनम शर्मा ने कहा कि कोरोना के प्रभाव के चलते संक्रमित मरीज बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों उपायुक्त के आदेश प्राप्त हुए थे। जिसके चलते कुछ समय के लिए आईपीडी को बंद रखा गया है। जैसे ही कोरोना का प्रभाव कम होगा। आईपीडी को पहले की तरह सुचारु रूप से चालू कर दिया जाएगा।
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आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी चालू रखने की मांग
रंगस (हमीरपुर)। आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी को बंद करने से यहां उपचार करवाने वाले क्षेत्र के मरीजों में रोष पनप रहा है। वरिष्ठ नागरिकों सहित अन्य मरीज अपना उपचार करवाने इस अस्पताल में आते हैं। इनमें से कइयों को आपातकाल की स्थिति में दाखिल भी करना पड़ता है, लेकिन वर्तमान में मरीज इस सुविधा से वंचित हो रहे हैं।
उपचार करवाने वाले लोगों में रामचंद, ब्रह्म दास, रघुवीर सिंह, विधि चंद, विमला देवी, केसरी देवी तथा शीला देवी एवं अन्य कई वरिष्ठ नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अस्पताल से कोरोना संक्रमित मरीजों को समर्पित कोविड केयर सेंटर सलासी तथा अन्य कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया जाए तथा इस अस्पताल की आईपीडी को पहले की तरह चालू किया जाए।