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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   HP Board textbooks will no longer be taught in CBSE schools.

Hamirpur (Himachal) News: सीबीएसई स्कूलों में अब नहीं पढ़ाई जाएंगी एचपी बोर्ड की पुस्तकें

Sat, 08 Aug 2026 01:07 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Sat, 08 Aug 2026 01:07 AM IST
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हमीरपुर। शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने के चार माह बाद शिक्षा विभाग को प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध 118 स्कूलों में पढ़ाई का माध्यम बदलने की याद आई है। इन स्कूलों में अब तक एचपी बोर्ड की किताबों और ऑनलाइन पीडीएफ के माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही थी।
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अब शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग के इस फैसले के बाद हजारों विद्यार्थियों को चार माह तक एचपी बोर्ड की किताबों से पढ़ाई करने के बाद अब नई एनसीईआरटी पुस्तकें खरीदनी पड़ेंगी।
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हालांकि स्कूलों में एनसीईआरटी के नोट्स उपलब्ध करवाकर पढ़ाई करवाई जा रही थी, लेकिन विद्यार्थियों के पास एचपी बोर्ड की पुस्तकें थीं। सत्र शुरू होने से पहले इन स्कूलों में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करवाई गई थीं और अप्रैल से इन्हीं के आधार पर पढ़ाई जारी थी।
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अब शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रधानाचार्यों को 15 दिनों के भीतर सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप केवल एनसीईआरटी पुस्तकों से पढ़ाई करवाने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के इस निर्णय से सामान्य वर्ग के अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्हें बाजार से नई किताबें खरीदनी होंगी। वहीं, बीपीएल और आईआरडीपी श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए राहत देते हुए विभाग ने प्रधानाचार्यों को स्कूल फंड से नई किताबों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
बाक्स
एचपी बोर्ड के आवंटित स्टाॅक की वापसी पर संशय
सबसे बड़ा सवाल पहले से वितरित एचपी बोर्ड की पुस्तकों को लेकर खड़ा हो गया है। स्कूलों में पहुंच चुकी और विद्यार्थियों को वितरित की गईं इन पुस्तकों को वापस लिया जाएगा या नहीं, इस पर अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। यदि इन पुस्तकों की वापसी नहीं होती है तो लाखों रुपये की किताबें अनुपयोगी साबित हो सकती हैं। स्कूल प्रबंधन भी इस संबंध में विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश में इसी शैक्षणिक सत्र से 118 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। ऐसे में पाठ्यक्रम परिवर्तन से जुड़े फैसले में हुई देरी का सीधा असर हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर पड़ा है।


कोट्स
निदेशालय से नौंवी कक्षा के विद्यार्थियों को सीबीएसई पाठ्यक्रम की किताबें खरीदने के निर्देश जारी हुए हैं। स्कूल प्रधानाचार्यों को इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी गई है। -देशराज डोगरा, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर

मैंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। इस विषय में रिकॉर्ड देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। -अंकुश शर्मा, सचिव, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड
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