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Hamirpur (Himachal) News: भूस्खलन से खतरे की जद में आया घर, परिवार झुग्गी में रात काटने को मजबूर
Thu, 26 Sep 2024 07:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 26 Sep 2024 07:47 AM IST
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निर्माणाधीन डॉक्टर राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के समीप थाईं गांव में भूस्खलन के कारण खतरे में आया म
रंगस (हमीरपुर)। निर्माणाधीन डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के समीप थाईं गांव में बीती रात को भूस्खलन होने से रिहायशी मकान को गिरने का खतरा पैदा हो गया। राष्ट्रीय उच्च मार्ग के किनारे स्थित दो मंजिला मकान कभी भी गिर सकता है। भूस्खलन के बाद परिवार ने बच्चों सहित सारी रात घर बाहर टेंट लगाकार गुजारी।
मकान के साथ बना रसोईघर क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि भूस्खलन से नींव भी हिल गई है। भूस्खलन से पहाड़ी के खिसकने से भयभीत परिजनों ने दो छोटे बच्चों को साथ लेकर मकान के समीप झुग्गी बनाकर रात गुजारी, ताकि अचानक मकान गिरने से कोई भी जानी नुकसान न हो। सड़क दुर्घटना के बाद पिछले दो माह से बिस्तर पर पड़े लाचार घर के मुखिया होशियार सिंह ने कहा कि बड़ी मुश्किल से परिवार के लिए मकान बनाया था, लेकिन अब भूस्खलन से मकान हवा में झूलने लगा है। मकान कभी भी गिर सकता है।
उन्होंने कहा कि इसकी सूचना लिखित रूप से उपायुक्त हमीरपुर और ग्राम पंचायत जोलसप्पड़ को भी दे दी है। मगर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई भी बचाव एवं राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। हालांकि उपायुक्त हमीरपुर ने शिकायत पत्र को एसडीएम नादौन को आवश्यक कार्रवाई के लिए मार्क कर दिया है।
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जोलसप्पड़ पंचायत की प्रधान मीना कुमारी ने कहा कि मौका पर जाकर भूस्खलन से हुए नुकसान और रिहायशी मकान को पैदा हुए खतरे का जायजा लिया है। स्थानीय पंचायत पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि मौके पर हल्का पटवारी को बुलाकर स्थिति से अवगत करवा दिया है, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित सहायता मिल सके। मगर अभी फिलहाल प्रशासन की ओर से खुच नहीं किया गया।
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मकान के साथ बना रसोईघर क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि भूस्खलन से नींव भी हिल गई है। भूस्खलन से पहाड़ी के खिसकने से भयभीत परिजनों ने दो छोटे बच्चों को साथ लेकर मकान के समीप झुग्गी बनाकर रात गुजारी, ताकि अचानक मकान गिरने से कोई भी जानी नुकसान न हो। सड़क दुर्घटना के बाद पिछले दो माह से बिस्तर पर पड़े लाचार घर के मुखिया होशियार सिंह ने कहा कि बड़ी मुश्किल से परिवार के लिए मकान बनाया था, लेकिन अब भूस्खलन से मकान हवा में झूलने लगा है। मकान कभी भी गिर सकता है।
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उन्होंने कहा कि इसकी सूचना लिखित रूप से उपायुक्त हमीरपुर और ग्राम पंचायत जोलसप्पड़ को भी दे दी है। मगर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई भी बचाव एवं राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। हालांकि उपायुक्त हमीरपुर ने शिकायत पत्र को एसडीएम नादौन को आवश्यक कार्रवाई के लिए मार्क कर दिया है।
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जोलसप्पड़ पंचायत की प्रधान मीना कुमारी ने कहा कि मौका पर जाकर भूस्खलन से हुए नुकसान और रिहायशी मकान को पैदा हुए खतरे का जायजा लिया है। स्थानीय पंचायत पीड़ित परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि मौके पर हल्का पटवारी को बुलाकर स्थिति से अवगत करवा दिया है, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित सहायता मिल सके। मगर अभी फिलहाल प्रशासन की ओर से खुच नहीं किया गया।

निर्माणाधीन डॉक्टर राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के समीप थाईं गांव में भूस्खलन के कारण खतरे में आया म