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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में बढ़ी मरीजों की संख्या
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हमीरपुर। डॉक्टर राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में तीसरे लॉकडाउन में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। लॉकडाउन में कुछ रियायतें मिलने के बाद लोगों ने अस्पताल आना शुरू कर दिया है। इन दिनों औसतन 500 मरीज अस्पताल में पर्चियां बनवा रहे हैं।
पहले और दूसरे लॉकडाउन की अवधि में औसतन 200 पर्चियां ही अस्पताल में बनती थीं। जैसे ही प्रशासन ने कर्फ्यू ढील का समय बढ़ाया गया और कुछ रियायतें दीं लोगों ने अस्पताल आना भी शुरू कर दिया है। हालांकि इससे पूर्व आपातकाल में ही लोग अस्पताल पहुंच रहे थे।
इन दिनों ऑर्थो और मेडिसिन ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़ है। कर्फ्यू में ढील के समय में लोग पुराने रोगों और मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी अस्पताल आ रहे हैं। अस्पताल में आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद ही उन्हें ओपीडी में दाखिला मिल रहा है। कोरोना के लक्षण स्क्रीनिंग के दौरान जांचे जा रहे हैं।
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इस संबंध में एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि आजकल औसतन 500 मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं। पहले और दूसरे लॉकडाउन की अपेक्षा तीसरी लॉकडाउन में मरीजों की तादाद में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा रहा है और मरीजों की बाहर स्थित काउंटर पर भी स्क्रीनिंग की जा रही है।
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पहले और दूसरे लॉकडाउन की अवधि में औसतन 200 पर्चियां ही अस्पताल में बनती थीं। जैसे ही प्रशासन ने कर्फ्यू ढील का समय बढ़ाया गया और कुछ रियायतें दीं लोगों ने अस्पताल आना भी शुरू कर दिया है। हालांकि इससे पूर्व आपातकाल में ही लोग अस्पताल पहुंच रहे थे।
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इन दिनों ऑर्थो और मेडिसिन ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़ है। कर्फ्यू में ढील के समय में लोग पुराने रोगों और मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी अस्पताल आ रहे हैं। अस्पताल में आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके बाद ही उन्हें ओपीडी में दाखिला मिल रहा है। कोरोना के लक्षण स्क्रीनिंग के दौरान जांचे जा रहे हैं।
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इस संबंध में एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि आजकल औसतन 500 मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं। पहले और दूसरे लॉकडाउन की अपेक्षा तीसरी लॉकडाउन में मरीजों की तादाद में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जा रहा है और मरीजों की बाहर स्थित काउंटर पर भी स्क्रीनिंग की जा रही है।