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Hamirpur (Himachal) News: निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ लगती पहाड़ी दरकी, भवन को खतरा
Wed, 06 Aug 2025 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 06 Aug 2025 12:46 AM IST
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पहाड़ी से भूस्खलन होने के बाद निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ टूटा फुटपाथ। संवाद
- फोटो : बेतवा में बाढ़ के चलते खेत में पड़ी सड़ी ज्वार की फसल। संवाद
हमीरपुर, रंगस। भारी बरसात के चलते जोलसप्पड़ में निर्माणाधीन डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज भवन भी खतरे की जद में आ गया है। भवन के बिल्कुल साथ लगती पहाड़ी में भूस्खलन हुआ है, जिससे भवन को खतरा हो गया है।
अभी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने प्रशासनिक व अस्पताल के नए भवनों को समर्पित नहीं किया है। इससे पहले ही खतरा मंडरा गया है। हालांकि, भूस्खलन दूरी पर है, लेकिन भवन के साथ लगती सड़क पर बड़ी दरारें आ गई हैं। यहां पर फुटपाथ भी प्रभावित हो गया है। इसमें दरारें आने से आवागमन भी बंद हो गया है।
पहाड़ी दरकने से कॉलेज की सीमा के बाहर बन्ह और जंदली गांव के लिए नवनिर्मित कच्ची सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर नाले में तबदील हो गई है। यहां पर अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को निरीक्षण कर बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
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गांववासी और पूर्व उपप्रधान रंगस फांदी खान, अनिल कुमार, राज कुमार आदि ने बताया कि कॉलेज के साथ से गुजरती संपर्क सड़क और रास्ता भी भूस्खलन से प्रभावित हुआ है। नवनिर्मित सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग को तुरंत डंगे आदि लगाकर मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि कॉलेज भवन के साथ-साथ आम सड़क का भी सही ढंग से उपयोग हो सके।
वहीं, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर ने मौके का निरीक्षण किया है। जमीन किस वजह से धंस रही है, इसे लेकर यहां पर जांच की जाएगी।
कोट
अधिकारियों के साथ मिलकर निरीक्षण किया गया है। फिलहाल भवन को कोई खतरा नहीं है। भवन के साथ लगती सड़क के साथ भूस्खलन हुआ है। सड़क में दरारें आई हैं। ऐसे में बड़े वाहनों की आवाजाही फिलहाल बंद कर दी है। बचाव के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
-रमेश भारती, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर
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अभी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने प्रशासनिक व अस्पताल के नए भवनों को समर्पित नहीं किया है। इससे पहले ही खतरा मंडरा गया है। हालांकि, भूस्खलन दूरी पर है, लेकिन भवन के साथ लगती सड़क पर बड़ी दरारें आ गई हैं। यहां पर फुटपाथ भी प्रभावित हो गया है। इसमें दरारें आने से आवागमन भी बंद हो गया है।
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पहाड़ी दरकने से कॉलेज की सीमा के बाहर बन्ह और जंदली गांव के लिए नवनिर्मित कच्ची सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर नाले में तबदील हो गई है। यहां पर अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को निरीक्षण कर बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
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गांववासी और पूर्व उपप्रधान रंगस फांदी खान, अनिल कुमार, राज कुमार आदि ने बताया कि कॉलेज के साथ से गुजरती संपर्क सड़क और रास्ता भी भूस्खलन से प्रभावित हुआ है। नवनिर्मित सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग को तुरंत डंगे आदि लगाकर मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि कॉलेज भवन के साथ-साथ आम सड़क का भी सही ढंग से उपयोग हो सके।
वहीं, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर ने मौके का निरीक्षण किया है। जमीन किस वजह से धंस रही है, इसे लेकर यहां पर जांच की जाएगी।
कोट
अधिकारियों के साथ मिलकर निरीक्षण किया गया है। फिलहाल भवन को कोई खतरा नहीं है। भवन के साथ लगती सड़क के साथ भूस्खलन हुआ है। सड़क में दरारें आई हैं। ऐसे में बड़े वाहनों की आवाजाही फिलहाल बंद कर दी है। बचाव के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
-रमेश भारती, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर

पहाड़ी से भूस्खलन होने के बाद निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ टूटा फुटपाथ। संवाद- फोटो : बेतवा में बाढ़ के चलते खेत में पड़ी सड़ी ज्वार की फसल। संवाद

पहाड़ी से भूस्खलन होने के बाद निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के साथ टूटा फुटपाथ। संवाद- फोटो : बेतवा में बाढ़ के चलते खेत में पड़ी सड़ी ज्वार की फसल। संवाद