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मेडिकल कॉलेज से हथली पुल रोड वन-वे, चालक परेशान
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर से हथली पुल को जाने वाली सड़क वन-वे होने से स्थानीय दुकानदारों और अस्पताल स्टाफ को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। पूर्व में यहां वन वे के नियमों का उल्लंघन करने पर महज चौपहिया वाहनों पर ही कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब दोपहिया वाहनों के भी चालान हो रहे हैं। ऐसे में स्थानीय दुकानदारों, मेडिकल स्टोर संचालकों और अस्पताल के स्टाफ को डेढ़ किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कर वापस आना पड़ रहा है। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि दवाइयों की कई एजेंसियां भोटा चौक के आसपास है।
वन-वे होने के कारण वे अपने स्कूटर या बाइक यहां तक ऊपर की ओर नहीं ले जा सकते। पुलिस चालान करती है। इसके लिए उन्हें अपने वाहनों को पहले हथली पुल, आरटीओ कार्यालय होते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर का सफर तय कर भोटा चौक की ओर लाना पड़ता है। जिससे एक तो उनका समय खराब होता है, दूसरा दिन में कई बार मेडिकल एजेंसी के चक्कर लगाने से पेट्रोल की खपत भी अधिक हो रही है।
वहीं, अस्पताल के स्टाफ को ड्यूटी से घर जाने के लिए भी डेढ़ किलोमीटर का अधिक सफर तय करना पड़ता है। लोगों में रमेश पठानिया, अश्वनी कुमार, हैपी, मेहर सिंह, रविंद्र कुमार ने मांग की है कि यदि दोपहिया वाहनों को इस वन वे में रियायत मिल जाए तो स्थानीय लोगों की समस्या का समाधान होगा। इस संबंध में ट्रैफिक इंचार्ज उपनिरीक्षक पाल सिंह का कहना है कि उपायुक्त की अधिसूचना अनुसार इस सड़क को वन वे किया गया है। कोविड काल में अस्पताल में अधिक भीड़ होने के चलते नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है।
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वन-वे होने के कारण वे अपने स्कूटर या बाइक यहां तक ऊपर की ओर नहीं ले जा सकते। पुलिस चालान करती है। इसके लिए उन्हें अपने वाहनों को पहले हथली पुल, आरटीओ कार्यालय होते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर का सफर तय कर भोटा चौक की ओर लाना पड़ता है। जिससे एक तो उनका समय खराब होता है, दूसरा दिन में कई बार मेडिकल एजेंसी के चक्कर लगाने से पेट्रोल की खपत भी अधिक हो रही है।
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वहीं, अस्पताल के स्टाफ को ड्यूटी से घर जाने के लिए भी डेढ़ किलोमीटर का अधिक सफर तय करना पड़ता है। लोगों में रमेश पठानिया, अश्वनी कुमार, हैपी, मेहर सिंह, रविंद्र कुमार ने मांग की है कि यदि दोपहिया वाहनों को इस वन वे में रियायत मिल जाए तो स्थानीय लोगों की समस्या का समाधान होगा। इस संबंध में ट्रैफिक इंचार्ज उपनिरीक्षक पाल सिंह का कहना है कि उपायुक्त की अधिसूचना अनुसार इस सड़क को वन वे किया गया है। कोविड काल में अस्पताल में अधिक भीड़ होने के चलते नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है।
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