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Hamirpur (Himachal) News: हमीरपुर को पहली बार मिला गैर भाजपाई मुख्यमंत्री
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हमीरपुर के गांधी चौक पर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा पर जश्र मनाते कांग्र?
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में महज पांच विधानसभा सीटों वाले छोटे जिले हमीरपुर को पहली मर्तबा गैर भाजपाई मुख्यमंत्री मिला है। नादौन के भावड़ा (सेरा) गांव निवासी 58 वर्षीय सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। हमीरपुर जिले से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने वाले पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बाद सुखविंद्र सिंह सुक्खू जिले में दूसरे शख्स हैं। वहीं, 25 वर्ष के अंतराल में इस जिले को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद मिला है। प्रेम कुमार धूमल वर्ष 1998 से लेकर 2002 तक और उसके बाद 2007 से 2012 तक प्रदेश में दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यह भी संयोग की बात यह है कि 1998 में जिले की पांचों सीटों पर कांग्रेस के क्लीन स्वीप होने पर हमीरपुर जिले से पहली बार प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने थे। वहीं, अब जिले की पांचों सीटों पर भाजपा के क्लीन स्वीप होने पर सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में अभी तक सबसे लंबा कार्यकाल वीरभद्र सिंह का ही रहा है। वीरभद्र सिंह प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे थे।
पहली बार निचले हिमाचल से कोई विधायक सीएम की कुर्सी तक पहुंचा
कांग्रेस में पहली बार निचले हिमाचल से कोई विधायक अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है। हालांकि, कांग्रेस प्रचार कमेटी के चेयरमैन बनने के बाद सुक्खू को मुख्यमंत्री पद मिलना तय था। लेकिन, प्रदेश में कांग्रेस के बहुमत और शनिवार को विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के पद पर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नाम का औपचारिक एलान होने के बाद पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई।
नड्डा, अनुराग और सिकंदर भी नहीं रोक पाए कांग्रेस का विजय रथ
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा के कई दिग्गज हैं। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और हमीरपुर से ही राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार शामिल हैं। भाजपा के इन तीन बड़े दिग्गजों के बावजूद हमीरपुर में भाजपा की करारी हार हुई है।
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यह रहा सुक्खू के पांच विस चुनाव का ब्योरा
2003 में सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहली बार विधानसभा का चुनाव कांग्रेस की टिकट पर लड़ा। इस दौरान सुक्खू को 14,329 मत मिले, जबकि भाजपा के बाबू राम मंडियाल को 8554 मत, निर्दलीय रघुवीर सिंह को 8250, प्रभात चौधरी को 9794 मत मिले। सुक्खू ने 4585 मतों से लीड लेकर पहला चुनाव जीता था।
वर्ष 2007 में उन्होंने दूसरी बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा और 586 मतों के अंतर से चुनाव जीता। सुक्खू को 17,727 मत मिले, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 17,141 मत पड़े थे।
वर्ष 2012 में सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांग्रेस की टिकट पर तीसरा चुनाव लड़ा, लेकिन वह 6750 मतों के अंतर से चुनाव हार गए। सुक्खू को 24555 मत, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 31305 मत पड़े।
वर्ष 2017 में सुक्खू ने कांग्रेस की टिकट पर चौथा चुनाव लड़ा और 2349 मतों की लीड से चुनाव जीता। सुक्खू को 30980 मत, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 28631 वोट मिले।
वर्ष 2022 में सुक्खू ने कांग्रेस की टिकट पर पांचवां चुनाव लड़ा और उन्होंने 3363 मतों के अंतर से चुनाव जीता। सुक्खू को 36142 मत, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 32,779 मत पड़े।
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पहली बार निचले हिमाचल से कोई विधायक सीएम की कुर्सी तक पहुंचा
कांग्रेस में पहली बार निचले हिमाचल से कोई विधायक अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है। हालांकि, कांग्रेस प्रचार कमेटी के चेयरमैन बनने के बाद सुक्खू को मुख्यमंत्री पद मिलना तय था। लेकिन, प्रदेश में कांग्रेस के बहुमत और शनिवार को विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के पद पर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नाम का औपचारिक एलान होने के बाद पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई।
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नड्डा, अनुराग और सिकंदर भी नहीं रोक पाए कांग्रेस का विजय रथ
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा के कई दिग्गज हैं। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और हमीरपुर से ही राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार शामिल हैं। भाजपा के इन तीन बड़े दिग्गजों के बावजूद हमीरपुर में भाजपा की करारी हार हुई है।
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यह रहा सुक्खू के पांच विस चुनाव का ब्योरा
2003 में सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहली बार विधानसभा का चुनाव कांग्रेस की टिकट पर लड़ा। इस दौरान सुक्खू को 14,329 मत मिले, जबकि भाजपा के बाबू राम मंडियाल को 8554 मत, निर्दलीय रघुवीर सिंह को 8250, प्रभात चौधरी को 9794 मत मिले। सुक्खू ने 4585 मतों से लीड लेकर पहला चुनाव जीता था।
वर्ष 2007 में उन्होंने दूसरी बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा और 586 मतों के अंतर से चुनाव जीता। सुक्खू को 17,727 मत मिले, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 17,141 मत पड़े थे।
वर्ष 2012 में सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांग्रेस की टिकट पर तीसरा चुनाव लड़ा, लेकिन वह 6750 मतों के अंतर से चुनाव हार गए। सुक्खू को 24555 मत, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 31305 मत पड़े।
वर्ष 2017 में सुक्खू ने कांग्रेस की टिकट पर चौथा चुनाव लड़ा और 2349 मतों की लीड से चुनाव जीता। सुक्खू को 30980 मत, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 28631 वोट मिले।
वर्ष 2022 में सुक्खू ने कांग्रेस की टिकट पर पांचवां चुनाव लड़ा और उन्होंने 3363 मतों के अंतर से चुनाव जीता। सुक्खू को 36142 मत, जबकि भाजपा के विजय अग्निहोत्री को 32,779 मत पड़े।