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Hamirpur (Himachal) News: फोरलेन ने रोकी लोहारकड़ गांव के किसानों की राह, 60 कनाल भूमि हो रही बंजर
Wed, 07 Oct 2026 01:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:12 AM IST
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लोहारकड़ में किसान अपने खेतों की ओर जाते हुए। संवाद
- फोटो : 1
धनेटा (हमीरपुर)। फोरलेन निर्माण से लोहारकड़ गांव के करीब 12 किसान परिवारों के खेतों तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। सड़क बनने से करीब 60 कनाल जमीन दो हिस्सों में बंट गई है, जिससे खेतों तक पैदल और ट्रैक्टर जाने का रास्ता नहीं होने से किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं।
कई किसानों के खेतों की इस बार जुताई तक नहीं हो पाई है। ग्राम पंचायत दंगड़ी के लोहारकड़ गांव के ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन निर्माण के बाद प्रत्येक परिवार की करीब 10 से 15 कनाल जमीन सड़क के दोनों ओर बंट गई है।
फोरलेन के किनारे एनएचएआई की ओर से पैराफिट लगाने के बाद खेतों तक पहुंचने का रास्ता भी बंद हो गया। इससे जुताई, घास कटाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घास काटने के बाद उसे सिर पर उठाकर पैराफिट के ऊपर से दूसरी ओर ले जाना पड़ रहा है।
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उन्होंने एनएचएआई से खेतों तक उचित रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि कृषि कार्य करने में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तीन जगह रास्ते की मांग, फिर भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने कहा कि फोरलेन निर्माण के दौरान ही उन्होंने एनएचएआई से तीन स्थानों पर खेतों तक आने-जाने के लिए रास्ता देने की मांग की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम नादौन के समक्ष लिखित शिकायत भी दी। एसडीएम के निर्देश पर एनएचएआई अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन अभी तक रास्ते की व्यवस्था नहीं हो सकी है। किसानों ने एनएचएआई से जल्द पैदल और ट्रैक्टर मार्ग उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रास्ता नहीं मिला तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
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फोरलेन बनने के बाद हमारी जमीन सड़क के दोनों ओर रह गई है। खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने का कोई रास्ता नहीं है। इससे समय पर जुताई नहीं हो पा रही है। एनएचएआई कम से कम एक स्थान पर ट्रैक्टर के लिए रास्ता उपलब्ध करवाए। -सुषमा देवी, निवासी लोहारकड़
खेतों से घास और अन्य कृषि सामग्री घर तक लाना मुश्किल हो गया है। पैराफिट के कारण सीधा रास्ता बंद है। कई बार घास सिर पर उठाकर पैराफिट पार करना पड़ता है। विभाग को किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए। -कांता देवी, निवासी लोहारकड़
फोरलेन निर्माण के दौरान खेतों तक आने-जाने के लिए तीन स्थानों पर रास्ता देने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। करीब 60 कनाल जमीन प्रभावित हुई है। रास्ता नहीं मिलने से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। -रोशन लाल, निवासी लोहारकड़
कोट
मामला ध्यान में है। जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान करवाया जाएगा, ताकि उन्हें खेतों तक पहुंचने में परेशानी न हो। -राकेश यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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कई किसानों के खेतों की इस बार जुताई तक नहीं हो पाई है। ग्राम पंचायत दंगड़ी के लोहारकड़ गांव के ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन निर्माण के बाद प्रत्येक परिवार की करीब 10 से 15 कनाल जमीन सड़क के दोनों ओर बंट गई है।
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फोरलेन के किनारे एनएचएआई की ओर से पैराफिट लगाने के बाद खेतों तक पहुंचने का रास्ता भी बंद हो गया। इससे जुताई, घास कटाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घास काटने के बाद उसे सिर पर उठाकर पैराफिट के ऊपर से दूसरी ओर ले जाना पड़ रहा है।
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उन्होंने एनएचएआई से खेतों तक उचित रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि कृषि कार्य करने में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तीन जगह रास्ते की मांग, फिर भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने कहा कि फोरलेन निर्माण के दौरान ही उन्होंने एनएचएआई से तीन स्थानों पर खेतों तक आने-जाने के लिए रास्ता देने की मांग की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम नादौन के समक्ष लिखित शिकायत भी दी। एसडीएम के निर्देश पर एनएचएआई अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन अभी तक रास्ते की व्यवस्था नहीं हो सकी है। किसानों ने एनएचएआई से जल्द पैदल और ट्रैक्टर मार्ग उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रास्ता नहीं मिला तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
फोरलेन बनने के बाद हमारी जमीन सड़क के दोनों ओर रह गई है। खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने का कोई रास्ता नहीं है। इससे समय पर जुताई नहीं हो पा रही है। एनएचएआई कम से कम एक स्थान पर ट्रैक्टर के लिए रास्ता उपलब्ध करवाए। -सुषमा देवी, निवासी लोहारकड़
खेतों से घास और अन्य कृषि सामग्री घर तक लाना मुश्किल हो गया है। पैराफिट के कारण सीधा रास्ता बंद है। कई बार घास सिर पर उठाकर पैराफिट पार करना पड़ता है। विभाग को किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए। -कांता देवी, निवासी लोहारकड़
फोरलेन निर्माण के दौरान खेतों तक आने-जाने के लिए तीन स्थानों पर रास्ता देने की मांग की थी, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। करीब 60 कनाल जमीन प्रभावित हुई है। रास्ता नहीं मिलने से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। -रोशन लाल, निवासी लोहारकड़
कोट
मामला ध्यान में है। जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान करवाया जाएगा, ताकि उन्हें खेतों तक पहुंचने में परेशानी न हो। -राकेश यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

लोहारकड़ में किसान अपने खेतों की ओर जाते हुए। संवाद- फोटो : 1

लोहारकड़ में किसान अपने खेतों की ओर जाते हुए। संवाद- फोटो : 1

लोहारकड़ में किसान अपने खेतों की ओर जाते हुए। संवाद- फोटो : 1