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Hamirpur (Himachal) News: भोरंज अस्पताल में पहली बार बैक मशीन से हो रहा पुराने जख्म का उपचार
Thu, 06 Mar 2025 06:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 06 Mar 2025 06:09 AM IST
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सचित्र
पांच दिन तक प्रभावित हिस्से में लगी रहेगी मशीन, संक्रमण को निकाला जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज में पहली बार सर्जरी विभाग में पुराने जख्म का बैक मशीन से उपचार हो रहा है। पांच दिन तक यह मशीन प्रभावित हिस्से में लगी रहेगी। इस दौरान यह मशीन संक्रमण को निकाल लेगी।
सिविल अस्पताल भोरंज में तैनात सर्जन डॉ. आदित्य कांत शर्मा ने पीजीआई चंडीगढ़ से यहां पर बैक मशीन के साथ टीम को बुलाया था। भोरंज क्षेत्र के तहत मालियां गांव के 70 साल के किशोरी लाल जो कि पोलियो से पीडि़त हैं। उन्हें हर समय लेटे रहने के चलते पीठ के निचले हिस्से में गहरे घाव पड़ गए हैं। वे इन घावों के लिए काफी समय से इलाज करवा रहे थे।
इसी दौरान पीड़ित ने सिविल अस्पताल भोरंज में सर्जन डॉक्टर से संपर्क किया। इसके बाद डॉ. आदित्यकांत शर्मा ने पीजीआई चंडीगढ़ में संपर्क साधा और इलाज के लिए पीजीआई से बैक मशीन मंगवाई। इस दौरान संचालक सहयोगी सचिन और राहुल की टीम ने चिकित्सक की देखरेख में मरीज का उपचार शुरू किया। भोरंज सिविल अस्पताल में इस तरह का उपचार पहली बार शुरू हुआ है। चिकित्सक आदित्य कांत शर्मा ने बताया कि पांच दिन तक यह मशीन उक्त मरीज पीठ के निचले हिस्से में लगी रहेगी। उसके बाद मशीन इन्फेक्शन को बाहर निकाल देगी।
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कोट
-बैक मशीन का कार्य नेगेटिव प्रेशर देना होता है। इससे पुराने जख्म से यह मशीन संक्रमण को बाहर निकालती है। शुगर के मरीजों को पड़े पुराने घाव जो ठीक नहीं होते हैं, उसके लिए इसका उपयोग होता है। भोरंज अस्पताल में पहली बार इस तरह का उपचार हो रहा है।- डॉ- ललित कालिया, बीएमओ भोरंज
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पांच दिन तक प्रभावित हिस्से में लगी रहेगी मशीन, संक्रमण को निकाला जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज में पहली बार सर्जरी विभाग में पुराने जख्म का बैक मशीन से उपचार हो रहा है। पांच दिन तक यह मशीन प्रभावित हिस्से में लगी रहेगी। इस दौरान यह मशीन संक्रमण को निकाल लेगी।
सिविल अस्पताल भोरंज में तैनात सर्जन डॉ. आदित्य कांत शर्मा ने पीजीआई चंडीगढ़ से यहां पर बैक मशीन के साथ टीम को बुलाया था। भोरंज क्षेत्र के तहत मालियां गांव के 70 साल के किशोरी लाल जो कि पोलियो से पीडि़त हैं। उन्हें हर समय लेटे रहने के चलते पीठ के निचले हिस्से में गहरे घाव पड़ गए हैं। वे इन घावों के लिए काफी समय से इलाज करवा रहे थे।
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इसी दौरान पीड़ित ने सिविल अस्पताल भोरंज में सर्जन डॉक्टर से संपर्क किया। इसके बाद डॉ. आदित्यकांत शर्मा ने पीजीआई चंडीगढ़ में संपर्क साधा और इलाज के लिए पीजीआई से बैक मशीन मंगवाई। इस दौरान संचालक सहयोगी सचिन और राहुल की टीम ने चिकित्सक की देखरेख में मरीज का उपचार शुरू किया। भोरंज सिविल अस्पताल में इस तरह का उपचार पहली बार शुरू हुआ है। चिकित्सक आदित्य कांत शर्मा ने बताया कि पांच दिन तक यह मशीन उक्त मरीज पीठ के निचले हिस्से में लगी रहेगी। उसके बाद मशीन इन्फेक्शन को बाहर निकाल देगी।
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कोट
-बैक मशीन का कार्य नेगेटिव प्रेशर देना होता है। इससे पुराने जख्म से यह मशीन संक्रमण को बाहर निकालती है। शुगर के मरीजों को पड़े पुराने घाव जो ठीक नहीं होते हैं, उसके लिए इसका उपयोग होता है। भोरंज अस्पताल में पहली बार इस तरह का उपचार हो रहा है।- डॉ- ललित कालिया, बीएमओ भोरंज