फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Eight departments of the medical college will shift to Jolsappad within a month.

Hamirpur (Himachal) News: एक माह में जोलसप्पड़ शिफ्ट होंगे मेडिकल कॉलेज के आठ विभाग

Mon, 28 Sep 2026 05:14 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Mon, 28 Sep 2026 05:14 AM IST
विज्ञापन
नए परिसर में 90 फीसदी फर्नीचर लगा, एमआरआई मशीन भी स्थापित
विज्ञापन

मेडिकल गैस पाइपलाइन की टेस्टिंग बाकी, तैयारियां अंतिम चरण में
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। आठ साल से क्षेत्रीय अस्पताल परिसर से संचालित हो रहा मेडिकल कॉलेज अब अपने नए कैंपस जोलसप्पड़ में शिफ्ट होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नए भवन में फर्नीचर लगाने का करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और एक माह के भीतर प्रथम चरण में आठ विभागों को नए परिसर में शिफ्ट किए जाने की उम्मीद है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि शिफ्टिंग की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
प्रथम चरण में सर्जरी, ऑर्थो, नेत्र और ईएनटी विभाग जोलसप्पड़ शिफ्ट किए जाएंगे। रेडियोग्राफी और एनेस्थीसिया की सेवाएं हमीरपुर और जोलसप्पड़ दोनों स्थानों से संचालित होंगी। वहीं, नए अकादमिक ब्लॉक में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और बॉयोलॉजी विभागों को शिफ्ट किया जाएगा। इससे नए परिसर में शैक्षणिक और चिकित्सा सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
विज्ञापन

नए कैंपस में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन भी स्थापित हो चुकी है। मशीन के संचालन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। हालांकि मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम की टेस्टिंग अभी बाकी है। अस्पताल संचालन से जुड़ी अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


280 बिस्तर की क्षमता का है अस्पताल
जोलसप्पड़ में प्रथम चरण के तहत 280 बिस्तर की क्षमता वाले अस्पताल भवन के साथ अकादमिक भवन का निर्माण किया गया है। अस्पताल में विभिन्न वार्डों के करीब 240 बिस्तरों के अलावा आईसीयू और आइसोलेशन के बिस्तर भी शामिल हैं। अस्पताल और अकादमिक भवन का निर्माण लंबे समय पहले पूरा हो गया था, लेकिन तकनीकी औपचारिकताओं और अन्य लंबित कार्यों के कारण शिफ्टिंग टलती रही।

डेढ़ साल पहले तैयार भवन की फिर करनी पड़ी टेस्टिंग
भवन तैयार होने के बाद लंबे समय तक इस्तेमाल में नहीं होने के कारण बिजली, पानी, सीसीटीवी, मेडिकल गैस पाइपलाइन समेत अन्य व्यवस्थाओं की दोबारा तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। भवन को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से प्रदेश लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी इसी के तहत आगे बढ़ी। निर्माण एजेंसी, लोक निर्माण विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के बीच भवन हस्तांतरण और तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर कई दौर में प्रक्रिया चली।


36 करोड़ का भुगतान की प्रक्रिया जारी
नए कैंपस को लेकर करीब 36 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का मामला भी अभी प्रक्रिया में है। निर्माण एजेंसी की ओर से भुगतान को लेकर सरकार से पत्राचार किया गया है। वहीं, मेडिकल गैस पाइपलाइन की अंतिम टेस्टिंग समेत कुछ तकनीकी कार्य भी पूरे होने बाकी हैं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एक माह के भीतर प्रथम चरण की शिफ्टिंग का लक्ष्य रखा है। कुछ दिन पहले इस संबंध में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की बैठक हो चुकी है।

कोट
फर्नीचर लगाने का 90 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज के आठ विभागों को प्रथम चरण में नए कैंपस में शिफ्ट किया जाएगा।
-डॉ. रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed