{"_id":"658c6755d864c867550bb696","slug":"due-to-lack-of-rain-wheat-crop-faces-drought-crisis-faces-of-farmers-look-sad-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-17379-2023-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: बारिश न होने से गेहूं की फसल पर सूखे का संकट, किसानों के चेहरे मुरझाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: बारिश न होने से गेहूं की फसल पर सूखे का संकट, किसानों के चेहरे मुरझाए
विज्ञापन
खेतों में उगी गेहूूं।
हमीरपुर। जिले में लंबे समय से बारिश न होने से हजारों किसानों को गेहूं की फसल की चिंता सताने लगी है। इस समय गेहूं और अन्य फसलों को बारिश की जरूरत है। अभी तक दो से तीन फीसदी गेहूं की फसल बारिश न होने के कारण प्रभावित हो गई है। अगर लोहड़ी तक बारिश नहीं होती है तो गेहूं की फसल को और भी नुकसान हो सकता है। ऐसे में अब किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
पिछले साल भी बारिश में देरी के चलते गेहूं की फसल सूखे की चपेट में आ गई थी। इस बार भी शुरुआती दिनों में बारिश न होने से किसानों की चिंताएं बढ़ना शुरू हो गई हैं। फिलहाल फसल को इतना नुकसान नहीं हुआ है लेकिन यदि पिछले साल की तरह इस बार भी बारिश देरी से होगी तो फसल सूखे की चपेट में आ जाएगी। बारिश न होने से पिछले साल की भांति इस वर्ष भी सूखे का खतरा मंडराने लगा है।
किसानों सुखदेव, सोहन, जगदीप, मधु, सागरी, ब्रह्मी, कौशल्या, निरंजन आदि ने कहा कि जब से गेहूं बीजी है तब से बारिश नहीं हुई। बिजाई से पहले बारिश हुई थी तो मिट्टी में थोड़ी बहुत नमी है। लोहड़ी के बाद जमीन से नमी की मात्रा कम हो जाती है। आजकल तो ओस के कारण थोड़ा बचाव हो जा रहा है। जिले में 35 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की खेतीबाड़ी की जाती है और 75 हजार किसान खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। इस बारे में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुरेश धीमान ने कहा कि लोहड़ी तक बारिश नहीं होती है तो मुश्किल हो सकती है। अभी ओस के कारण गेहूं को नुकसान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल भी बारिश में देरी के चलते गेहूं की फसल सूखे की चपेट में आ गई थी। इस बार भी शुरुआती दिनों में बारिश न होने से किसानों की चिंताएं बढ़ना शुरू हो गई हैं। फिलहाल फसल को इतना नुकसान नहीं हुआ है लेकिन यदि पिछले साल की तरह इस बार भी बारिश देरी से होगी तो फसल सूखे की चपेट में आ जाएगी। बारिश न होने से पिछले साल की भांति इस वर्ष भी सूखे का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन
किसानों सुखदेव, सोहन, जगदीप, मधु, सागरी, ब्रह्मी, कौशल्या, निरंजन आदि ने कहा कि जब से गेहूं बीजी है तब से बारिश नहीं हुई। बिजाई से पहले बारिश हुई थी तो मिट्टी में थोड़ी बहुत नमी है। लोहड़ी के बाद जमीन से नमी की मात्रा कम हो जाती है। आजकल तो ओस के कारण थोड़ा बचाव हो जा रहा है। जिले में 35 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की खेतीबाड़ी की जाती है और 75 हजार किसान खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। इस बारे में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुरेश धीमान ने कहा कि लोहड़ी तक बारिश नहीं होती है तो मुश्किल हो सकती है। अभी ओस के कारण गेहूं को नुकसान नहीं है।
विज्ञापन