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Hamirpur (Himachal) News: एनएच की जगह-जगह खोदाई और अधूरे डंगे बरसात में हादसों को दे रहे न्योता
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हमीरपुर। दिसंबर 2024 तक कोट से पाडछू तक 40 किलोमीटर एनएच का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य लेकर उतरी कंपनी कार्य शुरू होने के एक साल बाद भी एक फीट एनएच का निर्माण भी नहीं कर पाई है। जगह-जगह खोदाई और अधूरे डंगे बरसात में हादसों को न्योता दे रहे हैं। लोगों ने सरकार, प्रशासन और एनएचएआई से सवाल किए हैं कि यह कैसा एनएच बन रहा है, जिसके न डंगे सीधे हुए और न ही मोड़ चौड़े हो पाए। हमीरपुर जिले के कोट से लेकर मंडी जिले के पाडछू तक करीब 45 हजार की आबादी इन दिनों एनएच निर्माण कंपनी की मनमर्जी से हो रहे कार्य से परेशान है। कोट से पाडछू तक करीब 40 किलोमीटर एनएच के निर्माण का ठेका निजी कंपनी को आवंटित हुआ है। कंपनी ने इसे सबलेट कर दिया। सबलेट पर काम लेने वाली कंपनी भी आगे एनएच के छोटे छोटे हिस्सों को अन्य ठेकेदारों को काम के लिए दे रही है। जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इसकी पोल तब खुली जब वीरवार को एनएच निर्माण कंपनी का एक मिक्सचर वाहन बारीं मंदिर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और चालक की मौके पर मौत हो गई।
निर्माण कंपनी ने मृतक परिवार को राहत देने से हाथ खड़े कर दिए। निर्माण के लिए वाहन किसी और कंपनी से हायर किए हुए हैं। ऐसे में मजदूरों का भविष्य भी अंधकारमय होने के साथ एनएच निर्माण की भी दुर्दशा हो रही है। एनएच निर्माण कंपनी के मजदूरों को समय पर वेतन न मिलने से कई मजदूर काम छोड़ घर चले गए हैं। दरकोटी, बराड़ा, सपनेहड़ा में किराये के कमरे लेकर रह रहे मजदूर वेतन न मिलने पर किराया भी नहीं दे पाए हैं और इन्हें खाने के लाले पड़े हुए हैं। कई मजदूरों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि तीसरे दिन उनका ठेकेदार बदल जाता है और उनकी मेहनत की राशि कोई देने को तैयार नहीं। एनएच प्रभावित एवं पीड़ित मंच के महासचिव अजय कुमार और उपाध्यक्ष योगराज ने कहा कि निर्माण कंपनी की न तो नियत साफ है और न ही कोई नीति है। आम लोगों से लेकर कंपनी के मजदूर तक परेशान हैं। ग्रामीण राकेश कुमार, राजिंद्र सिंह, बतन सिंह, रणवीर सिंह, केसर सिंह, बलबीर सिंह आदि ने कहा कि एनएच के निर्माण कार्य में लगी कंपनी चरणबद्ध तरीके से काम नहीं कर रही है। भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि इस बारे में ग्रामीणों ने उन्हें समस्या बताई और स्थानीय प्रशासन व एनएच निर्माण कंपनी के अधिकारियों से बैठक हुई है। लोगों की समस्या को दूर करने के लिए कंपनी को कहा है।
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निर्माण कंपनी ने मृतक परिवार को राहत देने से हाथ खड़े कर दिए। निर्माण के लिए वाहन किसी और कंपनी से हायर किए हुए हैं। ऐसे में मजदूरों का भविष्य भी अंधकारमय होने के साथ एनएच निर्माण की भी दुर्दशा हो रही है। एनएच निर्माण कंपनी के मजदूरों को समय पर वेतन न मिलने से कई मजदूर काम छोड़ घर चले गए हैं। दरकोटी, बराड़ा, सपनेहड़ा में किराये के कमरे लेकर रह रहे मजदूर वेतन न मिलने पर किराया भी नहीं दे पाए हैं और इन्हें खाने के लाले पड़े हुए हैं। कई मजदूरों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि तीसरे दिन उनका ठेकेदार बदल जाता है और उनकी मेहनत की राशि कोई देने को तैयार नहीं। एनएच प्रभावित एवं पीड़ित मंच के महासचिव अजय कुमार और उपाध्यक्ष योगराज ने कहा कि निर्माण कंपनी की न तो नियत साफ है और न ही कोई नीति है। आम लोगों से लेकर कंपनी के मजदूर तक परेशान हैं। ग्रामीण राकेश कुमार, राजिंद्र सिंह, बतन सिंह, रणवीर सिंह, केसर सिंह, बलबीर सिंह आदि ने कहा कि एनएच के निर्माण कार्य में लगी कंपनी चरणबद्ध तरीके से काम नहीं कर रही है। भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि इस बारे में ग्रामीणों ने उन्हें समस्या बताई और स्थानीय प्रशासन व एनएच निर्माण कंपनी के अधिकारियों से बैठक हुई है। लोगों की समस्या को दूर करने के लिए कंपनी को कहा है।
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