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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Dhumal Saheb, sons are born to serve the country, both grandsons will also be recruited in the army: Khazan

धूमल साहब बेटे पैदा ही देश के सेवा के लिए होते हैं, दोनों पौते भी सेना में होंगे भर्ती : खजान

Thu, 25 Jul 2024 06:57 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2024 06:57 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कारगिल विजय दिवस पर याद किए संस्मरण
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संवाद न्यूज एजेंसी।

सुजानपुर (हमीरपुर)। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कारगिल युद्ध में सैनिकों की शहादत और संस्मरण को याद किया है। कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीद वीर सैनिकों से हुए संवाद को उन्होंने याद किया है। सोशल मीडिया पर पिछले दिनों शहीद कैप्टन अंशुमन की पत्नी स्मृति सिंह पर छिड़े विवाद पर भी बिना नाम लिए प्रतिक्रिया दी है। यहां जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भी इस तरह की समस्याएं सामने आई थीं। उस वक्त हिमाचल के मुख्यमंत्री के तौर पर वह हर शहीद के घर पहुंचे थे।


इस दौरान भी यह समस्याएं सामने आई थीं कि शहीदों को मिलने वाली राशि का आवटन कैसे हो। कारगिल युद्ध में शहीद अधिकतर जवान कम उम्र के थे। इन जवानों की विधवाओं का पुनर्विवाह भी लाजिमी था। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए शहीद की पत्नी, माता-पिता और बच्चों को बराबर हिस्सा दिए जाने का फैसला किया गया था। यदि पुनर्विवाह उसी परिवार में होता है तो स्थिति नहीं बदलेगी लेकिन वीर नारी यदि दूसरी जगह विवाह करती है तो राशि के तीन हिस्सों में विभाजित करने का प्रदेश की कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया था। इस तरह से इस समस्या का समाधान कुछ हद तक हो गया। जिला हमीरपुर के बमसन क्षेत्र में पहाड़ी के ऊपर एक बगलू गांव है। यहां से राज कुमार पुत्र खजान सिंह शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि वह जब शहीद के गांव के लिए चढ़ाई चढ़ रहे थे तो सोच रहे थे कि शहीद के पिता से क्या बात करेंगे। जब उनके आंगन में पहुंचे तो उनके कुछ कहने से पहले ही शहीद के पिता खजान सिंह बोले धूमल साहब बेटे तो पैदा ही इसलिये किये जाते हैं कि देश की सेवा करें। दोनों पौतों को मिलाया और कहा इन्हें भी सेना में भर्ती करेंगे। आप दिल्ली जाएंगे तो प्रधानमंत्री से कहना कि जवानों की यदि कमी हो तो 82 वर्ष के हवलदार खजान सिंह आज भी हथियार उठाने को तैयार हैं।
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