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बारिश में बिछा दी तारकोल, अधिकारियों ने बंद की आंखें
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हमीरपुर-नादौन राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के बीच चल रहा टारिंग का कार्य।
- फोटो : Hamirpur-HP
रंगस (हमीरपुर)। जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर बारिश के दौरान टारिंग का कार्य चलता रहा। लेकिन विभाग के अधिकारी इस काम को रोकने के बजाय तमाशबीन बने रहे। यह मामला शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर दंगड़ी में पेश आया। बुधवार दोपहर के बाद हमीरपुर में भारी बारिश हुई। बारिश के कारण सड़कों पर कई जगह पानी जमा हो गया। सड़क पर पड़े गड्ढे भी पानी से लबालब भर गए। लेकिन इसकी परवाह किए बगैर एनएच पर बेपरवाह टारिंग का कार्य चलता रहा।
जिला मुख्यालय हमीरपुर के बाहर बस स्टैंड के बाहर मुख्य मार्ग पर भी 28 सितंबर को इस तरह बारिश के बीच टारिंग का कार्य हो गया। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कार्य को रोकने की हिम्मत तक नहीं दिखाई। बाद में उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने लोनिवि के अधिकारियों को आदेश दिए। बार-बार इस तरह की कोताही से लोनिवि और एनएच प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। लोगों सुनील शर्मा, विवेक पठानिया, राहुल वर्मा, विनोद ठाकुर, सुशील कुमार और अश्वनी शर्मा ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से इस मामले की जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
हमने शुरू से जिला हमीरपुर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे पूर्व भी हमीरपुर शहर में बारिश के बीच टारिंग हुई और अधिकारी तमाशा देखते रहे। प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं दिख रही। जनता का पैसा पानी में बहाया जा रहा है। बारिश में टारिंग के मामले की उचित जांच होनी चाहिए।
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-राजेंद्र राणा, विधायक सुजानपुर विस क्षेत्र।
अधिकारी का हास्यास्पद बयान
प्लांट से बिटूमन मिश्रित माल लेकर गाड़ियां सड़क पर आ चुकी थीं। जिन्हें वापस करना मुश्किल था। हां बारिश में टारिंग हुई है। लेकिन वहां बारिश इतना ज्यादा नहीं थी कि काम बंद कर दिया जाए। अगर टारिंग उखड़ेगी तो दोबारा टारिंग कर दी जाएगी।
-योगेश राउत, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएच प्राधिकरण हमीरपुर।
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जिला मुख्यालय हमीरपुर के बाहर बस स्टैंड के बाहर मुख्य मार्ग पर भी 28 सितंबर को इस तरह बारिश के बीच टारिंग का कार्य हो गया। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कार्य को रोकने की हिम्मत तक नहीं दिखाई। बाद में उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने लोनिवि के अधिकारियों को आदेश दिए। बार-बार इस तरह की कोताही से लोनिवि और एनएच प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। लोगों सुनील शर्मा, विवेक पठानिया, राहुल वर्मा, विनोद ठाकुर, सुशील कुमार और अश्वनी शर्मा ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से इस मामले की जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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हमने शुरू से जिला हमीरपुर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे पूर्व भी हमीरपुर शहर में बारिश के बीच टारिंग हुई और अधिकारी तमाशा देखते रहे। प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं दिख रही। जनता का पैसा पानी में बहाया जा रहा है। बारिश में टारिंग के मामले की उचित जांच होनी चाहिए।
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-राजेंद्र राणा, विधायक सुजानपुर विस क्षेत्र।
अधिकारी का हास्यास्पद बयान
प्लांट से बिटूमन मिश्रित माल लेकर गाड़ियां सड़क पर आ चुकी थीं। जिन्हें वापस करना मुश्किल था। हां बारिश में टारिंग हुई है। लेकिन वहां बारिश इतना ज्यादा नहीं थी कि काम बंद कर दिया जाए। अगर टारिंग उखड़ेगी तो दोबारा टारिंग कर दी जाएगी।
-योगेश राउत, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएच प्राधिकरण हमीरपुर।