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Hamirpur (Himachal) News: बड़सर मुख्यालय में खेल मैदान की दरकार, युवा परेशान
Mon, 03 Nov 2025 12:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:18 AM IST
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बड़सर(हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के मुख्यालय में खेल मैदान की सुविधा न होने से युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यालय में न तो खेल मैदान है और न ही इंडोर स्टेडियम।
ऐसे में सेना भर्ती के साथ खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को मजबूरन सड़कों पर दौड़ना पड़ रहा है। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। पूर्व में खिलाड़ी स्कूल के मैदान में अभ्यास कर लेते थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रशासन की ओर से मैदान में प्रवेश का समय तय कर दिया गया है। ऐसे में खिलाड़ियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सेना भर्ती और खेलकूद गतिविधियों में भाग ले रहे युवा खिलाड़ियों रक्षित, शुभम, केवल, राम, खुश भारद्वाज, सजल, कार्तिक, अक्षय आदि ने कहा कि मुख्यालय के युवाओं को मैदान की सुविधा न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर बिझड़ी में इंडोर स्टेडियम है, लेकिन अधिकांश समय स्टेडियम का प्रयोग राजनीतिक कार्यक्रमों रैलियों के लिए किया जाता है।
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मुख्यालय के युवा मैदान की सुविधा न होने से सड़कों पर भटक रहे हैं। स्कूल मैदानों में वे अभ्यास करते हैं, वहां रात के समय लाइट की सुविधा नहीं होती। वहीं, शाम होते ही मैदान के गेट को बंद कर दिया जाता है। प्रशासन को युवाओं की सुविधा के लिए मैदान का निर्माण करवाना चाहिए।
कोट
सीधे तौर पर इसमें कुछ नहीं कर सकते। यह कार्य पंचायतों या संबंधित संस्थाओं द्वारा किया जा सकता है। यदि मैदान निर्माण कार्य से संबंधित कोई मांग आती है, तो पंचायतों को निर्देश दिए जा सकते हैं। -राजिंद्र कुमार, एसडीएम, बड़सर
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ऐसे में सेना भर्ती के साथ खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को मजबूरन सड़कों पर दौड़ना पड़ रहा है। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। पूर्व में खिलाड़ी स्कूल के मैदान में अभ्यास कर लेते थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रशासन की ओर से मैदान में प्रवेश का समय तय कर दिया गया है। ऐसे में खिलाड़ियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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सेना भर्ती और खेलकूद गतिविधियों में भाग ले रहे युवा खिलाड़ियों रक्षित, शुभम, केवल, राम, खुश भारद्वाज, सजल, कार्तिक, अक्षय आदि ने कहा कि मुख्यालय के युवाओं को मैदान की सुविधा न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर बिझड़ी में इंडोर स्टेडियम है, लेकिन अधिकांश समय स्टेडियम का प्रयोग राजनीतिक कार्यक्रमों रैलियों के लिए किया जाता है।
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मुख्यालय के युवा मैदान की सुविधा न होने से सड़कों पर भटक रहे हैं। स्कूल मैदानों में वे अभ्यास करते हैं, वहां रात के समय लाइट की सुविधा नहीं होती। वहीं, शाम होते ही मैदान के गेट को बंद कर दिया जाता है। प्रशासन को युवाओं की सुविधा के लिए मैदान का निर्माण करवाना चाहिए।
कोट
सीधे तौर पर इसमें कुछ नहीं कर सकते। यह कार्य पंचायतों या संबंधित संस्थाओं द्वारा किया जा सकता है। यदि मैदान निर्माण कार्य से संबंधित कोई मांग आती है, तो पंचायतों को निर्देश दिए जा सकते हैं। -राजिंद्र कुमार, एसडीएम, बड़सर