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Hamirpur (Himachal) News: प्रदेशभर के स्कूलों में शुरू होगा अपना विद्यालय कार्यक्रम
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हमीरपुर। विद्यांजलि योजना की तर्ज पर अब प्रदेशभर के स्कूलों में अपना विद्यालय कार्यक्रम शुरू होगा। स्वयंसेवी स्कूलों को गोद लेकर उनमें विभिन्न विकासात्मक कार्यों, विद्यार्थियों को पढ़ाने, कक्षा कक्षों का निर्माण, परिसर सौंदर्यीकरण आदि कार्यों में सहयोग कर सकेंगे। सरकार ने प्रदेशभर के स्कूलों में इस कार्यक्रम को शुरू किया है ताकि स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। पूर्व में प्रदेशभर के स्कूलों में इसी प्रकार विद्यांजलि योजना को शुरू किया गया था।
इसके लिए स्वयंसेवी को स्कूलों में श्रमदान करने के लिए पंजीकरण और पोर्टल पर अपना नाम अपलोड करवाना पड़ता था। अब स्वयंसेवी अपना विद्यालय कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल को गोद ले सकेंगे। स्कूल में कार्य कराने के लिए स्वयंसेवियों को केवल स्कूल प्रमुख के पास नाम दर्ज कराना होगा। स्कूल गोद लेने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक, कर्मचारी, पेशेवर, गृहिणी और समाज के अन्य संरक्षक कार्य कर सकते हैं। स्कूल प्रमुख स्वयंसेवियों को स्कूलों को गोद लेने और कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम को सुचारु रूप से चलाने के लिए शैक्षिक सहायता टीम भी बनाई जाएगी और इन सभी को टीम में जोड़ने का काम होगा। स्कूलों में शिक्षकों की कमी या उनके छुट्टी पर होने की स्थिति में स्वयंसेवी विद्यार्थियों की मदद भी कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त स्कूलोंं में फर्नीचर, भवन निर्माण कार्य, इलेक्ट्रिक, डिजिटल सह शैक्षणिक गतिविधि के उपकरण, खेलकूद, योग, स्वास्थ्य और सुरक्षा सामग्री, शिक्षण अधिगम सामग्री उपलब्ध करवाने के साथ-साथ अन्य कार्यों में योगदान देंगे। स्कूलों को गोद लेने के बाद संरक्षक स्वयंसेवी स्कूल अध्यापकों और प्रबंधन समिति को स्कूलों में सुधार करने के लिए सुझाव देंगे।
ब्यान:
प्रदेश सरकार की ओर से जिलेभर के स्कूलों में अपना स्कूल कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। उसी तर्ज पर स्कूलों में अपना विद्यालय कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत स्कूल प्रमुख स्वयंसेवियों को स्कूल के उत्थान में सहयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। स्वयंसेवी स्कूलों को गोद लेकर स्कूलों में विभिन्न विकासात्मक कार्यों में अपना योगदान दें सकेंगे।
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अशोक कुमार, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर।
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इसके लिए स्वयंसेवी को स्कूलों में श्रमदान करने के लिए पंजीकरण और पोर्टल पर अपना नाम अपलोड करवाना पड़ता था। अब स्वयंसेवी अपना विद्यालय कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल को गोद ले सकेंगे। स्कूल में कार्य कराने के लिए स्वयंसेवियों को केवल स्कूल प्रमुख के पास नाम दर्ज कराना होगा। स्कूल गोद लेने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक, कर्मचारी, पेशेवर, गृहिणी और समाज के अन्य संरक्षक कार्य कर सकते हैं। स्कूल प्रमुख स्वयंसेवियों को स्कूलों को गोद लेने और कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम को सुचारु रूप से चलाने के लिए शैक्षिक सहायता टीम भी बनाई जाएगी और इन सभी को टीम में जोड़ने का काम होगा। स्कूलों में शिक्षकों की कमी या उनके छुट्टी पर होने की स्थिति में स्वयंसेवी विद्यार्थियों की मदद भी कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त स्कूलोंं में फर्नीचर, भवन निर्माण कार्य, इलेक्ट्रिक, डिजिटल सह शैक्षणिक गतिविधि के उपकरण, खेलकूद, योग, स्वास्थ्य और सुरक्षा सामग्री, शिक्षण अधिगम सामग्री उपलब्ध करवाने के साथ-साथ अन्य कार्यों में योगदान देंगे। स्कूलों को गोद लेने के बाद संरक्षक स्वयंसेवी स्कूल अध्यापकों और प्रबंधन समिति को स्कूलों में सुधार करने के लिए सुझाव देंगे।
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ब्यान:
प्रदेश सरकार की ओर से जिलेभर के स्कूलों में अपना स्कूल कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। उसी तर्ज पर स्कूलों में अपना विद्यालय कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत स्कूल प्रमुख स्वयंसेवियों को स्कूल के उत्थान में सहयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। स्वयंसेवी स्कूलों को गोद लेकर स्कूलों में विभिन्न विकासात्मक कार्यों में अपना योगदान दें सकेंगे।
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अशोक कुमार, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर।