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Hamirpur (Himachal) News: बिजली बिल के ऑनलाइन भुगतान में बढ़ रही राशि, उलझन में उपभोक्ता
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घर में दी स्लिप पर आया था 448 रुपये बिल, ऑनलाइन आया 469 रुपये
बिलों में आ रहे अंतर के कारण उपभोक्ता हो रहे परेशान, समस्या के समाधान की मांंग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बिजली के बिलों के ऑनलाइन भुगतान में आ रही समस्याओं से उपभोक्ता मुश्किल में हैं। बिजली बोर्ड के कर्मचारी जो स्लिप घर में देकर जाते हैं उसमें उपभोक्ता को 448 रुपये बिल आया। जब उपभोक्ता ऑनलाइन बिजली का बिल जमा करवाने गया तो यह 469 रुपये हो गया। उपभोक्ता का कहना था कि यह एक माह का बिल था। 12 मार्च से 12 अप्रैल तक का बिल दिया गया, लेकिन घर में मीटर की रीडिंग के बाद 448 रुपये बिजली का बिल आया और जब यही बिल ऑनलाइन देने गए तो यह बिल 469 रुपये आया।
उन्होंने कहा कि एक ही बिल की दो अलग-अलग अदायगियां कैसे हो सकती हैं। बिजली का बिल जमा करवाने की तिथि भी 24 अप्रैल ही थी। ऐसे में लेट फीस भी कैसे लगाई जा सकती है। बिजली के बिलों में आ रहे अंतर से उपभोक्ताओं को भी दिक्कत हो रही है। कई उपभोक्ता बिजली के बिलों का भुगतान लोकमित्र केंद्रों में जाकर करवाते हैं। ऐसे में जब वह घर में दिए गए बिल के अनुसार भुगतान के लिए राशि देते हैं तो वहां कहा जाता है कि बिल की राशि इससे अधिक है। इस बारे में बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता एनपी अबरोल ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।
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बिलों में आ रहे अंतर के कारण उपभोक्ता हो रहे परेशान, समस्या के समाधान की मांंग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बिजली के बिलों के ऑनलाइन भुगतान में आ रही समस्याओं से उपभोक्ता मुश्किल में हैं। बिजली बोर्ड के कर्मचारी जो स्लिप घर में देकर जाते हैं उसमें उपभोक्ता को 448 रुपये बिल आया। जब उपभोक्ता ऑनलाइन बिजली का बिल जमा करवाने गया तो यह 469 रुपये हो गया। उपभोक्ता का कहना था कि यह एक माह का बिल था। 12 मार्च से 12 अप्रैल तक का बिल दिया गया, लेकिन घर में मीटर की रीडिंग के बाद 448 रुपये बिजली का बिल आया और जब यही बिल ऑनलाइन देने गए तो यह बिल 469 रुपये आया।
उन्होंने कहा कि एक ही बिल की दो अलग-अलग अदायगियां कैसे हो सकती हैं। बिजली का बिल जमा करवाने की तिथि भी 24 अप्रैल ही थी। ऐसे में लेट फीस भी कैसे लगाई जा सकती है। बिजली के बिलों में आ रहे अंतर से उपभोक्ताओं को भी दिक्कत हो रही है। कई उपभोक्ता बिजली के बिलों का भुगतान लोकमित्र केंद्रों में जाकर करवाते हैं। ऐसे में जब वह घर में दिए गए बिल के अनुसार भुगतान के लिए राशि देते हैं तो वहां कहा जाता है कि बिल की राशि इससे अधिक है। इस बारे में बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता एनपी अबरोल ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी।
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