{"_id":"5eb434148ebc3e90470cf27c","slug":"agriculture-hamirpur-hp-news-sml332347425","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन ने खेतों में पहुंचाए नौकरी-पेशा और पढ़ाई करने वाले युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन ने खेतों में पहुंचाए नौकरी-पेशा और पढ़ाई करने वाले युवा
विज्ञापन
हमीरपुर। लॉकडाउन ने अपने खेतों, बीहड़ व बन्नों का भी ज्ञान न रखने वाले नौकरी-पेशा और पढ़ाई करने वाले लोगों को खेतों में पहुंचा दिया है। ऐसा वर्ग जो कभी कभार या बहुत कम अपने खेतों में जाता था, लॉकडाउन ने खेतों में जाने को मजबूर कर दिया। खेतों में कटाई, थ्रेशिंग या सफाई करते ऐसे लोग देखने को मिले जो अपनी नौकरी-पेशा या पढ़ाई के कारण कभी खेत खलिहान में नहीं गए। अब जबकि लॉकडाउन लगा हुआ है तो लोगों के समय व्यतीत करने का सबसे बेहतर साधन गार्डनिंग, कुकिंग और खेत खलिहान की सफाई और झाड़ियों की कटाई-छंटाई बना हुआ है।
इस बार परिवार के अधिकतर सदस्यों की ओर से खेतों में अधिक समय व्यतीत करने के कारण जहरीली घास, बूटी इत्यादि उखड़ गई है। लोग गेहूं की कटाई और थ्रेशिंग के बाद अब सुबह व शाम खेतों में जहरीली घास, झाड़ियां, जहरीली बूटियां, कांटेदार पौधों को उखाड़ने और साफ सफाई में लगे हैं। गेहूं कटाई के बाद लोग हर साल खेतों में सफाई व झाड़ियों और जहरीली घास की कटाई छंटाई करते हैं। पूर्व में महज गृहिणियां या परिवार के इक्का-दुक्का सदस्य ही यह काम करते थे, जबकि इस बार लॉकडाउन के चलते अधिकतर सदस्य खासकर नौकरी पेशा करने वाले लोग भी खेतों में पहुंचे हैं तो साफ सफाई व कटाई-छंटाई अधिक हुई है। अशोक कुमार, ओम प्रकाश, जगमोहन आदि का कहना है कि 10 सालों बाद इस लॉकडाउन में वे अपने खेत खलिहान में गए और वहां पर काम करके अधिक समय व्यतीत किया। नौकरीपेशे में होने के कारण सुबह घर से निकलते थे और सूरज ढलने के बाद ही घर पहुंचते थे। खेत खलिहान घर के अन्य सदस्य संभालते थे, लेकिन इस बार अधिक समय खेतों में फसल कटाई व साफ सफाई के लिए व्यतीत किया है। पहले के मुकाबले अब खेतों, बीहड़ों की सफाई अधिक हुई है।
विज्ञापन
इस बार परिवार के अधिकतर सदस्यों की ओर से खेतों में अधिक समय व्यतीत करने के कारण जहरीली घास, बूटी इत्यादि उखड़ गई है। लोग गेहूं की कटाई और थ्रेशिंग के बाद अब सुबह व शाम खेतों में जहरीली घास, झाड़ियां, जहरीली बूटियां, कांटेदार पौधों को उखाड़ने और साफ सफाई में लगे हैं। गेहूं कटाई के बाद लोग हर साल खेतों में सफाई व झाड़ियों और जहरीली घास की कटाई छंटाई करते हैं। पूर्व में महज गृहिणियां या परिवार के इक्का-दुक्का सदस्य ही यह काम करते थे, जबकि इस बार लॉकडाउन के चलते अधिकतर सदस्य खासकर नौकरी पेशा करने वाले लोग भी खेतों में पहुंचे हैं तो साफ सफाई व कटाई-छंटाई अधिक हुई है। अशोक कुमार, ओम प्रकाश, जगमोहन आदि का कहना है कि 10 सालों बाद इस लॉकडाउन में वे अपने खेत खलिहान में गए और वहां पर काम करके अधिक समय व्यतीत किया। नौकरीपेशे में होने के कारण सुबह घर से निकलते थे और सूरज ढलने के बाद ही घर पहुंचते थे। खेत खलिहान घर के अन्य सदस्य संभालते थे, लेकिन इस बार अधिक समय खेतों में फसल कटाई व साफ सफाई के लिए व्यतीत किया है। पहले के मुकाबले अब खेतों, बीहड़ों की सफाई अधिक हुई है।
विज्ञापन