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Hamirpur (Himachal) News: मुश्किल राहों को हिम्मत से पार कर लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी
Sun, 07 Dec 2025 02:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 07 Dec 2025 02:01 AM IST
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जसाई की अंजना देवी घर पर कपड़े सिलते हुए। संवाद
- फोटो : bishnah 2
सचित्र
जसाई की अंजना ने घर से शुरू किया सिलाई का कारोबार, पति की मौत के बाद भी नहीं छोड़ी उम्मीद
घर से कपड़ों की सिलाई कर प्रतिामह कमा रहीं आठ से 10 हजार रुपये
सुजल शर्मा
धनेटा (हमीरपुर)। मुश्किल राहों को हिम्मत से हराकर जसाई की अंजना देवी ने आत्मनिर्भरता की कहानी लिखकर मिसाल पेश की है। घर से कपड़ों की सिलाई से जहां वह परिवार का पालन पोषण कर रही हैं, वहीं अन्य महिलाओं को भी प्ररेणा दे रही हैं।
अंजना देवी पत्नी दिवंगत ओम प्रकाश हौसले, दृढ़ता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर उभरी हैं। उनका जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती को साहस से स्वीकार किया और आगे बढ़ती गईं। बचपन में पोलियो की मार झेलनी पड़ी। एक पैर से चलना मुश्किल था, पर हिम्मत उससे कहीं बड़ी थी। इसी बीच उनके पिता, जो आईटीबीपी में कार्यरत थे, लद्दाख में एक पहाड़ी के गिरने के कारण दबकर बलिदान हो गए। उस समय अंजना छठी कक्षा में पढ़ती थी।
पिता का साया उठ जाना उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। संघर्षों के बीच पढ़ाई जारी रखते हुए अंजना ने सरकारी स्कूल से मैट्रिक पास की और आगे चलकर कटिंग एंड टेलरिंग का प्रशिक्षण लेकर सिलाई-कढ़ाई को अपना रोजगार बना लिया। शादी के बाद कुछ समय तक जीवन सामान्य चला, लेकिन कुछ समय बाद अचानक हार्ट अटैक से उनके पति ओम प्रकाश का निधन हो गया।
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एक अपाहिज महिला के लिए यह जिम्मेदारियों का पहाड़ था, लेकिन अंजना देवी ने टूटने के बजाय खुद को मजबूत बनाया और परिवार का सहारा बनकर खड़ी हो गईं। आज अंजना देवी अपने कौशल के बल पर लगातार मेहनत कर रही हैं और घर-परिवार की आर्थिक रीढ़ बनी हुई हैं। प्रतिमाह सिलाई से वह आठ से 10 हजार रुपये घर बैठे कमा रही हैं।
उनका एक बेटा कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है और अंजना दिन-रात यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि उसके कॅरिअर में किसी भी प्रकार की रुकावट न पड़े। उन्होंने कहा कि जीवन में संकट कितने भी बड़े क्यों न हों, हिम्मत और मेहनत हमेशा रास्ता बना ही देती है।
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जसाई की अंजना ने घर से शुरू किया सिलाई का कारोबार, पति की मौत के बाद भी नहीं छोड़ी उम्मीद
घर से कपड़ों की सिलाई कर प्रतिामह कमा रहीं आठ से 10 हजार रुपये
सुजल शर्मा
धनेटा (हमीरपुर)। मुश्किल राहों को हिम्मत से हराकर जसाई की अंजना देवी ने आत्मनिर्भरता की कहानी लिखकर मिसाल पेश की है। घर से कपड़ों की सिलाई से जहां वह परिवार का पालन पोषण कर रही हैं, वहीं अन्य महिलाओं को भी प्ररेणा दे रही हैं।
अंजना देवी पत्नी दिवंगत ओम प्रकाश हौसले, दृढ़ता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर उभरी हैं। उनका जीवन बचपन से ही संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती को साहस से स्वीकार किया और आगे बढ़ती गईं। बचपन में पोलियो की मार झेलनी पड़ी। एक पैर से चलना मुश्किल था, पर हिम्मत उससे कहीं बड़ी थी। इसी बीच उनके पिता, जो आईटीबीपी में कार्यरत थे, लद्दाख में एक पहाड़ी के गिरने के कारण दबकर बलिदान हो गए। उस समय अंजना छठी कक्षा में पढ़ती थी।
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पिता का साया उठ जाना उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। संघर्षों के बीच पढ़ाई जारी रखते हुए अंजना ने सरकारी स्कूल से मैट्रिक पास की और आगे चलकर कटिंग एंड टेलरिंग का प्रशिक्षण लेकर सिलाई-कढ़ाई को अपना रोजगार बना लिया। शादी के बाद कुछ समय तक जीवन सामान्य चला, लेकिन कुछ समय बाद अचानक हार्ट अटैक से उनके पति ओम प्रकाश का निधन हो गया।
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एक अपाहिज महिला के लिए यह जिम्मेदारियों का पहाड़ था, लेकिन अंजना देवी ने टूटने के बजाय खुद को मजबूत बनाया और परिवार का सहारा बनकर खड़ी हो गईं। आज अंजना देवी अपने कौशल के बल पर लगातार मेहनत कर रही हैं और घर-परिवार की आर्थिक रीढ़ बनी हुई हैं। प्रतिमाह सिलाई से वह आठ से 10 हजार रुपये घर बैठे कमा रही हैं।
उनका एक बेटा कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है और अंजना दिन-रात यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि उसके कॅरिअर में किसी भी प्रकार की रुकावट न पड़े। उन्होंने कहा कि जीवन में संकट कितने भी बड़े क्यों न हों, हिम्मत और मेहनत हमेशा रास्ता बना ही देती है।