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Hamirpur (Himachal) News: स्वदेशी उत्पाद बेचने के लिए रोज देना होगा 100 रुपये शुल्क
Tue, 27 Oct 2026 01:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:49 AM IST
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय के बस अड्डे के पास बने ग्रामीण हाट में महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वदेशी उत्पाद बेचने के लिए प्रतिदिन 100 रुपये शुल्क देना होगा। इस पर जीएसटी भी लगेगा।
इसके अलावा संबंधित ब्लॉक कार्यालय में पंजीकरण और रोजाना हाजिरी दर्ज करवाना अनिवार्य है। हालांकि, जिला प्रशासन की इन शर्तों के चलते त्योहारी सीजन में भी ग्रामीण हाट में दुकानें शुरू नहीं हो पाईं।
उपायुक्त ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) को ग्रामीण हाट के संचालन के लिए निर्धारित शर्तें लागू करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण हाट शुरू होने से महिलाओं को सालभर उत्पाद बेचने का अवसर मिलना था, लेकिन फिलहाल भवन खाली पड़ा है।
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ग्रामीण हाट में सिड्डू, बबरू, पतरोड़े, अचार, मिठाइयां, हस्तशिल्प और अन्य स्वदेशी उत्पाद बेचने की योजना थी। साथ ही कैफे कम रेस्तरां भी शुरू किया जाना था।
जिला प्रशासन ने पहले भी दुकानों के संचालन के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की सूची तय कर ली थी, लेकिन शुल्क और पंजीकरण की शर्तों के चलते योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
कोट
छह ब्लॉकों को स्वयं सहायता समूहों का पंजीकरण करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। अभी तक कोई भी आवेदन नहीं आया है। आवेदन के उपरांत ही महिलाओं को दुकानें आवंटित होंगी। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह परियोजना अधिकारी, डीआरडीए हमीरपुर
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इसके अलावा संबंधित ब्लॉक कार्यालय में पंजीकरण और रोजाना हाजिरी दर्ज करवाना अनिवार्य है। हालांकि, जिला प्रशासन की इन शर्तों के चलते त्योहारी सीजन में भी ग्रामीण हाट में दुकानें शुरू नहीं हो पाईं।
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उपायुक्त ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) को ग्रामीण हाट के संचालन के लिए निर्धारित शर्तें लागू करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण हाट शुरू होने से महिलाओं को सालभर उत्पाद बेचने का अवसर मिलना था, लेकिन फिलहाल भवन खाली पड़ा है।
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ग्रामीण हाट में सिड्डू, बबरू, पतरोड़े, अचार, मिठाइयां, हस्तशिल्प और अन्य स्वदेशी उत्पाद बेचने की योजना थी। साथ ही कैफे कम रेस्तरां भी शुरू किया जाना था।
जिला प्रशासन ने पहले भी दुकानों के संचालन के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की सूची तय कर ली थी, लेकिन शुल्क और पंजीकरण की शर्तों के चलते योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
कोट
छह ब्लॉकों को स्वयं सहायता समूहों का पंजीकरण करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। अभी तक कोई भी आवेदन नहीं आया है। आवेदन के उपरांत ही महिलाओं को दुकानें आवंटित होंगी। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक सह परियोजना अधिकारी, डीआरडीए हमीरपुर