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इंस्पायर अवार्ड में रुचि नहीं दिखा रहे निजी और सरकारी स्कूल
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:15 PM IST
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हमीरपुर। इंस्पायर मानक अवार्ड के लिए जिले के निजी और सरकारी स्कूल रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस अवार्ड के लिए वर्तमान तक आधे से भी कम निजी स्कूलों ने आवदेन किया है। वहीं 74 सरकारी स्कूलों ने भी इस अवार्ड में रुचि नहीं दिखाई है। शिक्षा विभाग निर्धारित तिथि तक इस अवार्ड के लिए आवेदन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करेगा। जिला कार्यालय विभाग और सरकार से अवार्ड को आवेदन न करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश करेगा। जिले में कुल 172 निजी स्कूल हैं। इनमें से इस अवार्ड के लिए अभी तक केवल 80 स्कूलों ने ही आवेदन किया है। करीब साढ़े तीन सौ सरकारी स्कूलों में से 74 स्कूल इस अवार्ड में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
इन 74 स्कूलों में 55 मिडल स्कूल, छह वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल और 13 हाई स्कूल शामिल हैं। अवार्ड के तहत बच्चों के विज्ञान मॉडल्स को मंच प्रदान करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्र स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को शिक्षा विभाग की तरफ से नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। इस अवार्ड लिए आवेदन न करने वाले स्कूलों पर विभाग कार्रवाई करेगा। इस संबंध में जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अश्वनी चंबियाल का कहना है कि विभाग ने 30 जुलाई तक आवेदन करने की अंतिम तिथि रखी है। अभी तक अधिकतर प्राइवेट स्कूलों ने अवार्ड के लिए आवेदन नहीं किया है। अवार्ड के लिए आवेदन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश विभाग और सरकार से की जाएगी।
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इन 74 स्कूलों में 55 मिडल स्कूल, छह वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल और 13 हाई स्कूल शामिल हैं। अवार्ड के तहत बच्चों के विज्ञान मॉडल्स को मंच प्रदान करने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्र स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को शिक्षा विभाग की तरफ से नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। इस अवार्ड लिए आवेदन न करने वाले स्कूलों पर विभाग कार्रवाई करेगा। इस संबंध में जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अश्वनी चंबियाल का कहना है कि विभाग ने 30 जुलाई तक आवेदन करने की अंतिम तिथि रखी है। अभी तक अधिकतर प्राइवेट स्कूलों ने अवार्ड के लिए आवेदन नहीं किया है। अवार्ड के लिए आवेदन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश विभाग और सरकार से की जाएगी।
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