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Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा के हब हमीरपुर के स्कूलों में 44 प्रवक्ताओं के पद खाली
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64 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में विभिन्न विषयों के पद हैं रिक्त
प्राथमिक स्कूलों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भी विद्यार्थी परेशान
स्कूलों में कई वर्षों से नहीं भरे गए हैं प्रवक्ताओं के रिक्त पद, नहीं हो रही पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। एजुकेशन हब हमीरपुर के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। स्कूलों में अध्यापकों के न होने से अभिभावक चिंतित हैं। जिले में 64 स्कूलों को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा प्राप्त है लेकिन 64 स्कूलों में अलग-अलग विषयों के 44 प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। रिक्त पदों के कारण इन स्कूलों में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को जुगाड़ के सहारे ही पढ़ाया जा रहा है। स्कूलों में टीजीटी शिक्षक विद्यार्थियों की कक्षाएं ले रहे हैं। अभिभावकों सुदर्शन कुमार, तिलक राज, नेक सिंह, सतीष कुमार, सुरेश कुमार, पवन कुमार, विकास कुमार, तेज सिंह आदि ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में उन्होंने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाया है लेकिन स्कूलों में प्रवक्ताओं के खाली पदों के कारण अब उन्हें पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि कुछेक स्कूलों में पिछले पांच वर्षों से पद रिक्त हैं। ऐसे में स्कूलों में विद्यार्थी चाहकर भी उस विषय को नहीं पढ़ पा रहे हैं। कुछेक स्कूलों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आठ से दस किलोमीटर का सफर तय करके आते हैं लेकिन स्कूलों में पढ़ाई न होने से उन्हें खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिले के प्राथमिक स्कूलों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भी अध्यापकों के पद रिक्त होना चिंता का विषय है। जिला हमीरपुर को एजुकेशन हब का दर्जा प्राप्त है लेकिन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से स्कूलों में रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अनिल कौशल ने कहा कि रिक्त पदों की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेज दी गई है। स्कूलों में विद्यार्थियों को सुचारु रूप से पढ़ाई करवाई जा रही है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
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प्राथमिक स्कूलों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भी विद्यार्थी परेशान
स्कूलों में कई वर्षों से नहीं भरे गए हैं प्रवक्ताओं के रिक्त पद, नहीं हो रही पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। एजुकेशन हब हमीरपुर के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। स्कूलों में अध्यापकों के न होने से अभिभावक चिंतित हैं। जिले में 64 स्कूलों को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा प्राप्त है लेकिन 64 स्कूलों में अलग-अलग विषयों के 44 प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। रिक्त पदों के कारण इन स्कूलों में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को जुगाड़ के सहारे ही पढ़ाया जा रहा है। स्कूलों में टीजीटी शिक्षक विद्यार्थियों की कक्षाएं ले रहे हैं। अभिभावकों सुदर्शन कुमार, तिलक राज, नेक सिंह, सतीष कुमार, सुरेश कुमार, पवन कुमार, विकास कुमार, तेज सिंह आदि ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में उन्होंने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाया है लेकिन स्कूलों में प्रवक्ताओं के खाली पदों के कारण अब उन्हें पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि कुछेक स्कूलों में पिछले पांच वर्षों से पद रिक्त हैं। ऐसे में स्कूलों में विद्यार्थी चाहकर भी उस विषय को नहीं पढ़ पा रहे हैं। कुछेक स्कूलों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आठ से दस किलोमीटर का सफर तय करके आते हैं लेकिन स्कूलों में पढ़ाई न होने से उन्हें खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिले के प्राथमिक स्कूलों के साथ वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भी अध्यापकों के पद रिक्त होना चिंता का विषय है। जिला हमीरपुर को एजुकेशन हब का दर्जा प्राप्त है लेकिन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से स्कूलों में रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अनिल कौशल ने कहा कि रिक्त पदों की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेज दी गई है। स्कूलों में विद्यार्थियों को सुचारु रूप से पढ़ाई करवाई जा रही है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
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