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रेडियोलॉजी विभाग में बिजली बैकअप नहीं, सीटी स्कैन को भटकते रहे मरीज
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हमीरपुर। डा. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के रेडियोलॉजी विभाग में बिजली बैकअप न होने से रविवार को आपातकालीन सीटी स्कैन और एक्स-रे के लिए मरीज शहरभर में भटकते रहे। बिजली बोर्ड ने रविवार सुबह 11 बजे से तीन बजे तक बिजली का घोषित कट लगाया था। इसी बीच दो मरीज आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचे। एक मरीज को सीटी स्कैन के लिए लिखा गया। हालांकि, रविवार को अस्पताल में आपातकालीन सीटी स्कैन होने की सुविधा होती है, लेकिन बिजली न होने से मरीजों को इस रविवार यह सुविधा नहीं मिल पाई है। ऐसे में मरीज और तीमारदार बाहरी लैबों में सीटी स्कैन करवाने गए लेकिन, रविवार के कारण बाहर की लैब भी बंद थी। इसके बाद वह शहर के कुछ निजी अस्पतालों में सीटी स्कैन के लिए गए, जहां पर भी लाइट न होने और कई अस्पतालों में सीटी स्कैन की सुविधा न होने के कारण उन्हें मायूस लौटना पड़ा। अंत में तीमारदार मरीज को शहर से बाहर निजी अस्पताल ले गए।
जहां उसका सीटी स्कैन करवाया गया। मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं यहां न होना विभाग और कॉलेज प्रबंधन की पोल खोल रहा है। जिला मुख्यालय में बिजली बोर्ड माह में तीन से चार बार बिजली के कट मरम्मत और रखरखाव के लिए लगाता है। ऐसे में यदि मेडिकल कॉलेज के पास बैकअप न हो तो मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी। हालांकि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में जनरेटर की सुविधा है, लेकिन रेडियोलॉजी विभाग की अलग बिल्डिंग में यह सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को अगर उचित समय पर टेस्ट सुविधा नहीं मिलेगी तो चिकित्सकों को उनकी बीमारी का पता लगाने में भी देरी होगी और कोई जानी नुकसान हो सकता है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी डा. पवन सोनी का कहना है कि विभाग के पास बिजली चले जाने पर बैकअप की सुविधा नहीं है। रविवार को इमरजेंसी सीटी स्कैन और एक्स-रे किए जाते हैं, लेकिन बिजली न होने की वजह से नहीं हो पाए। वहीं, बिजली बोर्ड के जेई जयदेव का कहना है कि बोर्ड ने नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए पूर्व घोषित बिजली कट सुबह 11 बजे से तीन बजे तक लगाया था।
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जहां उसका सीटी स्कैन करवाया गया। मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं यहां न होना विभाग और कॉलेज प्रबंधन की पोल खोल रहा है। जिला मुख्यालय में बिजली बोर्ड माह में तीन से चार बार बिजली के कट मरम्मत और रखरखाव के लिए लगाता है। ऐसे में यदि मेडिकल कॉलेज के पास बैकअप न हो तो मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी। हालांकि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में जनरेटर की सुविधा है, लेकिन रेडियोलॉजी विभाग की अलग बिल्डिंग में यह सुविधा नहीं है। इससे मरीजों को अगर उचित समय पर टेस्ट सुविधा नहीं मिलेगी तो चिकित्सकों को उनकी बीमारी का पता लगाने में भी देरी होगी और कोई जानी नुकसान हो सकता है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी डा. पवन सोनी का कहना है कि विभाग के पास बिजली चले जाने पर बैकअप की सुविधा नहीं है। रविवार को इमरजेंसी सीटी स्कैन और एक्स-रे किए जाते हैं, लेकिन बिजली न होने की वजह से नहीं हो पाए। वहीं, बिजली बोर्ड के जेई जयदेव का कहना है कि बोर्ड ने नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए पूर्व घोषित बिजली कट सुबह 11 बजे से तीन बजे तक लगाया था।
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