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सड़क पर फेंक दी आयरन की तीन हजार गोलियां
सुनील कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर, गलोड़
Updated Mon, 23 May 2016 11:26 PM IST
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- फोटो : file photo
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गलोड़ के तहत बदारन चौक से करीब 300 मीटर दूर गाहलियां संपर्क मार्ग पर सोमवार को सरकारी दवाइयों की एक बड़ी खेप फेंकी हुई मिली है। प्रारंभिक जांच में दवाइयों की इस खेप की पहचान स्कूली बच्चों को एनीमिया से बचाव के लिए दी जाने वाली दवाइयों के रूप में हुई है।
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डेढ़ माह पहले भी गलोड़ क्षेत्र के तहत कुनाह खड्ड पर दवाइयों की एक बड़ी खेप मिली थी। खड्ड में फेंकी इन दवाइयों को उस वक्त स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट मेडिकल स्टोर की बताकर मामले से किनारा कर लिया थी।
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हालांकि, महकमे में अभी तक उस मामले की जांच की औपचारिकता चल रही है। सोमवार को दूसरी बार मिली दवाइयों की खेप से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। अब विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। विभाग ने मौके पर तीन हजार गोलियां मौके से बरामद की हैं।
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ये दवाइयां सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को एनीमिया से बचाव के लिए दी जाती हैं। इस मौके पर पहुंचे जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि यह सीधे तौर पर स्कूल प्रशासन की लापरवाही है।
गलोड़ ब्लॉक के कार्यक्षेत्र में 35 सरकारी स्कूल आते हैं। फरवरी माह से उनके स्कूलों में आयरन की दवाइयां बिल्कुल खत्म हैं। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को डिमांड भेजी गई है। दवाइयां फेंकने का कोई औचित्य नहीं है।
- रविंद्र कुमार लखनपाल, खंड शिक्षा अधिकारी, गलोड़
संपर्क मार्ग पर मिली दवाइयां स्कूली बच्चों को दी जाती हैं। इससे विभाग को कोई संबंध नहीं है। अगर इन दवाइयों का सदुपयोग नहीं हुआ तो इसका जिम्मेवार शिक्षा विभाग है। ड्रग इंस्पेक्टर हमीरपुर को मामले की सूचना दे दी है। बैच नंबर से साफ हो जाएगा कि ये दवाइयां किन स्कूलों में आवंटित की गई थीं।
- डॉ. अर्चना सोनी, बीएमओ, गलोड
एसएचओ बड़सर ने दवाइयां मिलने की सूचना दी है। दवाइयों पर लगे बैच से शिक्षा खंड और स्कूल की जानकारी मिल जाएगी जहां ये वितरित की गई थीं। इस बारे में ड्रग इंस्पेक्टर की भी सहायता ली जाएगी।
- अशोक वर्मा, डीएसपी, बड़सर