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Hamirpur (Himachal) News: नादौन स्कूल की 16 छात्राओं ने सीखीं कथक नृत्य की बारीकियां
Wed, 09 Oct 2024 09:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 09 Oct 2024 09:26 AM IST
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कन्या विद्यालय नादौन में कला धरोहर कार्यक्रम के समापन पर मुख्यतिथि व अन्य। स्रोत : संस्थान
नादौन (हमीरपुर)। मीराबाई की 525वीं जयंती के अवसर पर नादौन स्थित राजकीय उच्च विद्यालय कन्या में ‘कला धरोहर’ सांस्कृतिक कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। दो दिवसीय कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से संगीत नाटक अकादमी की अगुआई में हुआ।
कार्यक्रम की विशेषता मीराबाई के जीवन और उनकी भक्ति से प्रेरित थी, जिसमें भारतीय शास्त्रीय कला, विशेष रूप से कथक नृत्य के माध्यम से उनकी भक्ति भावना और काव्य जीवन को चित्रित किया गया। इसमें लखनऊ विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित कथक नृत्य प्रशिक्षक कल्पना वर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। उनके साथ कथक नृत्य प्रशिक्षक अनुकृति विश्वकर्मा, तबला वादक जहीन खान और अग्रणी गायक जाकी अहमद भी उपस्थित रहे।
विद्यालय के संस्कृत शिक्षक नरेश मलोटिया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की समृद्ध परंपरा से परिचित कराना था। इस कार्यशाला के माध्यम से 16 विद्यार्थियों को कथक नृत्य की बारीकियां सिखाई गई। कार्यक्रम के समापन पर जाकी अहमद ने एक गजल की प्रस्तुति दी, जिसने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। इस पूरे कार्यक्रम में विद्यालय के संगीत अध्यापक नरेंद्र सिंह ठाकुर की मुख्य भूमिका रही, जिन्हें संगीत अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम की विशेषता मीराबाई के जीवन और उनकी भक्ति से प्रेरित थी, जिसमें भारतीय शास्त्रीय कला, विशेष रूप से कथक नृत्य के माध्यम से उनकी भक्ति भावना और काव्य जीवन को चित्रित किया गया। इसमें लखनऊ विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित कथक नृत्य प्रशिक्षक कल्पना वर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। उनके साथ कथक नृत्य प्रशिक्षक अनुकृति विश्वकर्मा, तबला वादक जहीन खान और अग्रणी गायक जाकी अहमद भी उपस्थित रहे।
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विद्यालय के संस्कृत शिक्षक नरेश मलोटिया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की समृद्ध परंपरा से परिचित कराना था। इस कार्यशाला के माध्यम से 16 विद्यार्थियों को कथक नृत्य की बारीकियां सिखाई गई। कार्यक्रम के समापन पर जाकी अहमद ने एक गजल की प्रस्तुति दी, जिसने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। इस पूरे कार्यक्रम में विद्यालय के संगीत अध्यापक नरेंद्र सिंह ठाकुर की मुख्य भूमिका रही, जिन्हें संगीत अकादमी द्वारा सम्मानित किया गया।
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