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हमीरपुर में मलेरिया ने पसारे पांव 15-48-45
Updated Thu, 13 Sep 2018 11:25 PM IST
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हमीरपुर। जिले में मलेरिया ने पांव पसार लिए हैं। मेडिकल कॉलेज एवं क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में मलेरिया के तीन मरीज आए हैं। जिनका उपचार अस्पताल में चल रहा है। हालांकि, ये तीनों मरीज प्रदेश के बाहर से मलेरिया से पीड़ित होकर आए हैं। जब तीनों मरीजों ने क्षेत्रीय अस्पताल में जांच करवाई तो तीनों को मलेरिया निकला। तीनों रोगी प्रदेश के बाहर नौकरी करते हैं और वहां पर बुखार से पीड़ित होने के बाद घर पर आए। अस्पताल प्रबंधन ने तीनों रोगियों का इलाज शुरू कर दिया है। वहीं चिकित्सकों ने बरसात के मौसम में लोगों से एहतियात बरतने का आग्रह किया है।
चिकित्सकों ने बरसात के मौसम में घर के आसपास सफाई रखने, खाली बर्तनों में पानी जमा न होने देने और शरीर को पूरा ढकने वाले वस्त्र पहनने की सलाह दी है। मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण होता है। यह मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से शुरू होता है, जो प्लाज्मोडियम परजीवी को शरीर में छोड़ देता है। बरसात के दौरान मच्छरों का प्रजनन काल होने के कारण यह रोग अधिक होता है। एमओएच डा. संजय जगोता ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में तीन मरीज मलेरिया से पीड़ित आए हैं। यह तीनों मरीज बाहर के प्रदेशों से बुखार की शिकायत होने पर हमीरपुर आए हैं। जब इनकी जांच की गई तो उन्हें मलेरिया निकला है। जिनका इलाज चल रहा है।
मलेरिया के प्रारंभिक लक्षण-
बुखार, सिरदर्द, पसीना आना, ठंड लगना, उल्टी होना, मांसपेशियों में दर्द होना, आम तौर पर अस्वस्थ महसूस करना और थकान।
मच्छरों के काटने के बाद मलेरिया के लक्षणों को पनपने में सात से 18 दिन का समय लगता है। कुछ मामलों में लक्षणों को विकसित होने पर एक साल तक का समय भी लग जाता है।
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मलेरिया से बचाव
मच्छरों के पनपने से रोकें, मच्छरदानी का प्रयोग करना, शरीर के अधिकांश भाग ढकने वाले वस्त्र पहने, आस पास खाली बर्तनों में पानी न जमा होने दें, लक्षण होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
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चिकित्सकों ने बरसात के मौसम में घर के आसपास सफाई रखने, खाली बर्तनों में पानी जमा न होने देने और शरीर को पूरा ढकने वाले वस्त्र पहनने की सलाह दी है। मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण होता है। यह मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से शुरू होता है, जो प्लाज्मोडियम परजीवी को शरीर में छोड़ देता है। बरसात के दौरान मच्छरों का प्रजनन काल होने के कारण यह रोग अधिक होता है। एमओएच डा. संजय जगोता ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में तीन मरीज मलेरिया से पीड़ित आए हैं। यह तीनों मरीज बाहर के प्रदेशों से बुखार की शिकायत होने पर हमीरपुर आए हैं। जब इनकी जांच की गई तो उन्हें मलेरिया निकला है। जिनका इलाज चल रहा है।
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मलेरिया के प्रारंभिक लक्षण-
बुखार, सिरदर्द, पसीना आना, ठंड लगना, उल्टी होना, मांसपेशियों में दर्द होना, आम तौर पर अस्वस्थ महसूस करना और थकान।
मच्छरों के काटने के बाद मलेरिया के लक्षणों को पनपने में सात से 18 दिन का समय लगता है। कुछ मामलों में लक्षणों को विकसित होने पर एक साल तक का समय भी लग जाता है।
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मलेरिया से बचाव
मच्छरों के पनपने से रोकें, मच्छरदानी का प्रयोग करना, शरीर के अधिकांश भाग ढकने वाले वस्त्र पहने, आस पास खाली बर्तनों में पानी न जमा होने दें, लक्षण होने पर चिकित्सक को दिखाएं।