{"_id":"5a524f314f1c1bd1178b5633","slug":"121515343665-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सैनिक कोटे पर लिए निर्णय पर घिरी सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व सैनिक कोटे पर लिए निर्णय पर घिरी सरकार
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व सैनिक कर्मचारियों के संबंध में लिए गए निर्णय पर रोष प्रकट किया है। संघ ने जल्दबाजी में लिए गए इस निर्णय की कड़ी निंदा की है। संघ ने सरकार से मांग की है कि इस निर्णय पर तुरंत प्रभाव से पुनर्विचार किया जाए।
वर्षों की लंबी लड़ाई के पश्चात उच्चतम न्यायालय द्वारा 25 अगस्त 2017 को सामान्य कर्मचारियों के हक में निर्णय सुनाया जो वर्षों से प्रभावित थे। हिमाचल प्रदेश की नई सरकार ने प्रथम बैठक में ही कुछ लोगों को मात्र खुश करने के लिए न्यायालय के फैसले को लागू करने के बजाय विपरीत निर्णय लेकर यह दर्शा दिया है कि सरकार 90 फीसदी कर्मचारियों की कितनी हितैषी है। सरकार के इस फैसले से पूर्व में उत्पन्न विसंगतियों का समाधान तो नहीं होगा बल्कि विसंगतियों का विस्तार होगा। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जीएस बेदी, महासचिव रणजीत सिंह गुलेरिया, कोषाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा तथा प्रेस सचिव राजेश पठानिया ने मांग की है कि सरकार इस निर्णय को जल्द ही वापस ले। उन्होंने कहा कि जो उच्चतम न्यायालय दिल्ली द्वारा 25 अगस्त 2017 को निर्णय सुनाया गया है, उसे जल्द लागू करने की अधिसूचना जारी करे। सरकार द्वारा समय रहते न्यायालय के निर्देशानुसार आवश्यक तथा उचित पक्ष नहीं उठाया गया तो प्रदेश के लगभग तीस हजार प्राथमिक शिक्षकों को संघर्ष की राह पर अग्रसर होना पड़ेगा।
उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ खंड हमीरपुर ने भी पूर्व सैनिकों को वित्तीय लाभ देने संबंधी निर्णय की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि इस निर्णय को जल्द वापस लिया जाए। संघ ने 4-9-14 की वेतन विसंगति को दूर करने, 7-7-2014 की अधिसूचना को रद्द करने तथा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्षों की लंबी लड़ाई के पश्चात उच्चतम न्यायालय द्वारा 25 अगस्त 2017 को सामान्य कर्मचारियों के हक में निर्णय सुनाया जो वर्षों से प्रभावित थे। हिमाचल प्रदेश की नई सरकार ने प्रथम बैठक में ही कुछ लोगों को मात्र खुश करने के लिए न्यायालय के फैसले को लागू करने के बजाय विपरीत निर्णय लेकर यह दर्शा दिया है कि सरकार 90 फीसदी कर्मचारियों की कितनी हितैषी है। सरकार के इस फैसले से पूर्व में उत्पन्न विसंगतियों का समाधान तो नहीं होगा बल्कि विसंगतियों का विस्तार होगा। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जीएस बेदी, महासचिव रणजीत सिंह गुलेरिया, कोषाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा तथा प्रेस सचिव राजेश पठानिया ने मांग की है कि सरकार इस निर्णय को जल्द ही वापस ले। उन्होंने कहा कि जो उच्चतम न्यायालय दिल्ली द्वारा 25 अगस्त 2017 को निर्णय सुनाया गया है, उसे जल्द लागू करने की अधिसूचना जारी करे। सरकार द्वारा समय रहते न्यायालय के निर्देशानुसार आवश्यक तथा उचित पक्ष नहीं उठाया गया तो प्रदेश के लगभग तीस हजार प्राथमिक शिक्षकों को संघर्ष की राह पर अग्रसर होना पड़ेगा।
विज्ञापन
उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ खंड हमीरपुर ने भी पूर्व सैनिकों को वित्तीय लाभ देने संबंधी निर्णय की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि इस निर्णय को जल्द वापस लिया जाए। संघ ने 4-9-14 की वेतन विसंगति को दूर करने, 7-7-2014 की अधिसूचना को रद्द करने तथा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन