{"_id":"5a524f364f1c1bfe7a8b5b58","slug":"11515343670-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट के चार माह बाद भी टाउन हाल का नहीं बना नक्शा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट के चार माह बाद भी टाउन हाल का नहीं बना नक्शा
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:54 PM IST
विज्ञापन
सुजानपुर(हमीरपुर)। स्थानीय कस्बे में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित टाउन हाल का अभी प्रारूप ही नहीं बन पाया है। टाउन हाल के निर्माण की शुरूआत के लिए 70 लाख रुपये की धनराशि का प्रावधान लोक निर्माण विभाग के समक्ष शिलान्यास के दौरान ही कर दिया गया था। पूर्व सरकार के समक्ष इसका शिलान्यास हुआ था। सुजानपुर शहर में विवाह शादी, सरकारी तथा गैर सरकारी समारोह के लिए टाउन हाल की जरूरत थी जिसकी सुविधा लोगों को मिलनी है। जनता की मांग पर पूर्व राज्य आपदा अधिकरण बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने चार माह पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से शिलान्यास करवाया तथा 70 लाख रुपये की धनराशि का प्रावधान करवाया था।
भेजे गए प्रारूप के मुताबिक टाउन हाल में हाल, पार्किंग, किचन, बेडरूम आदि की व्यवस्था होगी। लेकिन अब महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्माण के लिए प्रारूप ही तैयार नहीं हो पाया है। इसको लेकर नगर परिषद सुजानपुर तथा लोक निर्माण विभाग एक दूसरे की जिम्मेवारी बता रहे हैं। नगर परिषद के जेई रजनीश त्रिवेदी का कहना है कि अनुमानित राशि का प्रारूप बनाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग ही इसका प्रारूप बनाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग के जेई परविंद्र ठाकुर का कहना है कि नगर परिषद को प्रारूप बनाकर दिया जाएगा। इसके लिए 70 लाख की धनराशि जमा है।
विज्ञापन
भेजे गए प्रारूप के मुताबिक टाउन हाल में हाल, पार्किंग, किचन, बेडरूम आदि की व्यवस्था होगी। लेकिन अब महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्माण के लिए प्रारूप ही तैयार नहीं हो पाया है। इसको लेकर नगर परिषद सुजानपुर तथा लोक निर्माण विभाग एक दूसरे की जिम्मेवारी बता रहे हैं। नगर परिषद के जेई रजनीश त्रिवेदी का कहना है कि अनुमानित राशि का प्रारूप बनाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग ही इसका प्रारूप बनाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग के जेई परविंद्र ठाकुर का कहना है कि नगर परिषद को प्रारूप बनाकर दिया जाएगा। इसके लिए 70 लाख की धनराशि जमा है।
विज्ञापन