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ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया में हेरा फेरी करने की मुख्यमंत्री से की शिकायत
Updated Sun, 25 Nov 2018 09:27 PM IST
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भोरंज (हमीरपुर)। ठेेकेदारों ने आईपीएच मंडल हमीरपुर और बड़सर में टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी करने की शिकायत मुख्यमंत्री, आईपीएच मंत्री और विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी है। ठेकेदार अजय कुमार, अनिल ठाकुर, विरेंद्र डोगरा, सुरेश, पुरषोत्तम, प्रतीक ठाकुर, सौरभ, सचिन आदि ने कहा कि मंडल अधिकारी छोटी-छोटी राशियों के टेंडर लगा रहे हैं। इन टेंडरों की शर्तें अपने चहेते ठेकेदारों की योग्यता के अनुसार लगा रहे हैं ताकि, अन्य कोई उन कार्यों के लिए योग्य न हो पाए। वहीं अगर उनके चहेतों के अलावा कोई अन्य टेंडर प्रक्रिया में सफल हो जाए तो यह अधिकारी उस टेंडर को रद्द करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि मंडल बड़सर की ओर से चैंथ खड्ड में चैनलाइजेशन के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं।
इसमें शर्त लगाई गई है कि ठेकेदार द्वारा नदी/ सहायक नदी जहां पानी का प्रवाह 10000 क्यूसिक के बराबर या इससे अधिक हो, उसका कार्य किया होना चाहिए। जबकि खड्डों में पानी का प्रवाह 10000 क्यूसिक कभी नहीं होता है। इसके साथ टेंडर प्रक्रिया में वह ही ठेकेदार भाग ले सकता है जिसके पास विभाग में दो से अधिक कार्य लंबित हों। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। छोटे कार्यों के लिए बड़ी-बड़ी शर्तें लगाई जा रहीं हैं ताकि, छोटे ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में टिक ही न पाएं। उन्होंने कहा कि इस बारे में अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि इसकी शिकायत सभी कार्यालयों में कर दी गई है। कहा कि अगर शर्तें नहीं हटीं तो ठेकेदार कोर्ट जाएंगे। इस संबंध में आईपीएच मंडल बड़सर के अधिशासी अभियंता जितेंद्र गर्ग ने कहा कि टेंडर एक करोड़ से अधिक राशि का है। इसके लिए अनुभवी ठेकेदारों से निविदाएं मांगी गई हैं।
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इसमें शर्त लगाई गई है कि ठेकेदार द्वारा नदी/ सहायक नदी जहां पानी का प्रवाह 10000 क्यूसिक के बराबर या इससे अधिक हो, उसका कार्य किया होना चाहिए। जबकि खड्डों में पानी का प्रवाह 10000 क्यूसिक कभी नहीं होता है। इसके साथ टेंडर प्रक्रिया में वह ही ठेकेदार भाग ले सकता है जिसके पास विभाग में दो से अधिक कार्य लंबित हों। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। छोटे कार्यों के लिए बड़ी-बड़ी शर्तें लगाई जा रहीं हैं ताकि, छोटे ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में टिक ही न पाएं। उन्होंने कहा कि इस बारे में अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि इसकी शिकायत सभी कार्यालयों में कर दी गई है। कहा कि अगर शर्तें नहीं हटीं तो ठेकेदार कोर्ट जाएंगे। इस संबंध में आईपीएच मंडल बड़सर के अधिशासी अभियंता जितेंद्र गर्ग ने कहा कि टेंडर एक करोड़ से अधिक राशि का है। इसके लिए अनुभवी ठेकेदारों से निविदाएं मांगी गई हैं।
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