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Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- हिमाचल में बढ़ेंगी कृषि गतिविधियां, 2600 कलस्टर बनाए
Tue, 23 Dec 2025 08:11 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 23 Dec 2025 08:11 PM IST
सार
मंगलवार को नई दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार ने हिम उन्नति हिम कृषि योजना के तहत कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों के लिए 2600 कलस्टर बनाए हैं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने हिम उन्नति हिम कृषि योजना के तहत कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों के लिए 2600 कलस्टर बनाए हैं। इसके तहत चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्दी व केसर की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने प्राकृतिक खेती से उगाई गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। फलों के समर्थन मूल्य में भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है।
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मंगलवार को नई दिल्ली से लौटने के बाद सीएम ने कहा कि कृषि आज भी प्रदेश की जीवन रेखा है। राज्य की लगभग 90 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और लगभग 53.95 प्रतिशत लोग प्रत्यक्ष रूप से कृषि एवं इससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हैं। राज्य सरकार ने 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। लगभग 38,437 हेक्टेयर क्षेत्र में 2,22,893 किसान और बागवान पूरी तरह या आंशिक रूप से प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं। राज्य सरकार ने 15 अप्रैल को चंबा के जनजातीय पांगी उपमंडल को आधिकारिक रूप से प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया है।
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पिछले साल किसानों से 399 मीट्रिक टन प्राकृतिक मक्की की खरीद की गई, जिसके लिए उनके बैंक खातों में एक करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। इस वर्ष 14 नवंबर से अब तक किसानों से 161.05 क्विंटल मक्की की खरीद गई है। वहीं, 2,123 क्विंटल गेहूं की खरीद के लिए 1.32 करोड़ और छह जिलों में 127 क्विंटल कच्ची हल्दी के लिए 11.44 लाख रुपये का भुगतान किया है। बाजार से पहचान मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती के उत्पादों को एक विशेष ब्रांड के तहत लांच किया गया है। गोशालाओं के सुधार के लिए प्रति किसान 8,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। देशी नस्ल की गाय खरीदने के लिए 25,000 रुपये तक की सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है।