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Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- सीबीएसई पाठ्यक्रम का फैसला ऐतिहासिक, शिक्षा के लिए इस साल 9,849 करोड़

Sun, 14 Sep 2025 05:41 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 14 Sep 2025 05:41 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सीबीएसई पाठ्यक्रम का निर्णय चिंतन और विशेषज्ञों से हर पहलू पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

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CM Sukhu said CBSE curriculum decision is historic 9849 crores for education this year
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन करते हुए सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह पहल सरकारी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करते हुए उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं और चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। सीबीएसई पाठ्यक्रम का निर्णय चिंतन और विशेषज्ञों से हर पहलू पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर लिया गया है।

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सरकार हिमाचल के हर बच्चे को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ नवीन योजनाएं लागू कर रही है। इस वित्त वर्ष में शिक्षा क्षेत्र के लिए 9,849 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। चुनावी गारंटी के अनुरूप सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत किया है। निर्णयों का नतीजा है कि हिमाचल विद्यार्थी-अध्यापक अनुपात में देशभर में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने के उद्देश्य से हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं।

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इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और अन्य आधुनिक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो। सरकार की ओर से 500 प्राथमिक स्कूल, 100 उच्च विद्यालय, 200 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, 48 महाविद्यालयों और 2 संस्कृत महाविद्यालयों सहित कुल 850 शैक्षणिक संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान घोषित किया गया है। प्रदेश के बच्चों के उच्च शिक्षा के सपने को साकार करने के लिए डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की गई है। विद्यार्थी देश और विदेश में पढ़ाई के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा साइंस जैसे आधुनिक विषय शुरू कर बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। सरकार की ओर से शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 5 हजार 400 से अधिक पद और शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 7 हजार से अधिक पद भरे हैं। पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए अध्यापकों को शैक्षणिक सत्र के बीच सेवानिवृत्त नहीं करने का भी निर्णय लिया है। सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल प्रदेश ने 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की है।

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