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Chamba News: एक्स-रे फिल्म खत्म...स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बेनकाब
Fri, 19 Jun 2026 10:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 19 Jun 2026 10:10 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में मरीजों को नहीं मिल रही निशुल्क सुविधा
मरीजों को निजी क्लीनिकों में चुकाने पड़ रहे 200 से 400 रुपये
जिले की पौने छह लाख की आबादी निर्भर है मेडिकल कॉलेज पर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में एक्सरे फिल्म का शुक्रवार को स्टॉक खत्म हो गया है। इससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मरीजों को सरकारी अस्पताल में निशुल्क एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में रोजाना 300 से 350 तक एक्स-रे किए जाते हैं। अब हालात ये हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। यहां उन्हें एक्सरे के लिए 200 से 400 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में एक्सरे फिल्म की कमी से रोजाना आने वाले मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मरीजों और तीमारदारों अशोक कुमार, राजीव कुमार, दलीप कुमार आदि का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इस अस्पताल पर विधानसभा क्षेत्र चंबा, चुराह, भरमौर, डलहौजी और भटियात की करीब पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर है। इसके बावजूद बुनियादी जांच सुविधा के लिए आवश्यक सामग्री का अभाव स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। मरीजों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द एक्सरे फिल्म उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
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- एक्सरे तक की सुविधा इतने बड़े स्वास्थ्य संस्थान में न होना चिंता का सबब है। प्रबंधन भी आंख मूंदे बैठा हुआ है। विनोद, तीमारदार
- कभी संस्थान में दवाई नहीं होती है, कभी ग्लव्ज तो अब एक्सरे तक की सुविधा बंद होना मरीजों पर बोझ डालने की बात है। उमेश, तीमारदार
- सरकारी अस्पताल में निशुल्क होने वाले एक्सरे की एवज में 200 से 400 रुपये चुकाना मरीजों की जेब पर भारी पड़ रहा है। मरीजों को जल्द सुविधा देनी चाहिए। देविंद्र, तीमारदार
- सरकार को सुविधाओं के अभाव में स्वास्थ्य संस्थान बंद कर दिए जाने चाहिए, जिससे लोग बेझिझक होकर निजी क्लीनिकों का रुख कर सकें। अजय, तीमारदार
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. माणिक सहगल ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। एक्सरे फिल्म खत्म होने से यह समस्या पेश आई है। जल्द एक्सरे फिल्म उपलब्ध करवा दी जाएगी।
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मरीजों को निजी क्लीनिकों में चुकाने पड़ रहे 200 से 400 रुपये
जिले की पौने छह लाख की आबादी निर्भर है मेडिकल कॉलेज पर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में एक्सरे फिल्म का शुक्रवार को स्टॉक खत्म हो गया है। इससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मरीजों को सरकारी अस्पताल में निशुल्क एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में रोजाना 300 से 350 तक एक्स-रे किए जाते हैं। अब हालात ये हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। यहां उन्हें एक्सरे के लिए 200 से 400 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
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सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में एक्सरे फिल्म की कमी से रोजाना आने वाले मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मरीजों और तीमारदारों अशोक कुमार, राजीव कुमार, दलीप कुमार आदि का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इस अस्पताल पर विधानसभा क्षेत्र चंबा, चुराह, भरमौर, डलहौजी और भटियात की करीब पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्भर है। इसके बावजूद बुनियादी जांच सुविधा के लिए आवश्यक सामग्री का अभाव स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। मरीजों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से जल्द एक्सरे फिल्म उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थान में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
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- एक्सरे तक की सुविधा इतने बड़े स्वास्थ्य संस्थान में न होना चिंता का सबब है। प्रबंधन भी आंख मूंदे बैठा हुआ है। विनोद, तीमारदार
- कभी संस्थान में दवाई नहीं होती है, कभी ग्लव्ज तो अब एक्सरे तक की सुविधा बंद होना मरीजों पर बोझ डालने की बात है। उमेश, तीमारदार
- सरकारी अस्पताल में निशुल्क होने वाले एक्सरे की एवज में 200 से 400 रुपये चुकाना मरीजों की जेब पर भारी पड़ रहा है। मरीजों को जल्द सुविधा देनी चाहिए। देविंद्र, तीमारदार
- सरकार को सुविधाओं के अभाव में स्वास्थ्य संस्थान बंद कर दिए जाने चाहिए, जिससे लोग बेझिझक होकर निजी क्लीनिकों का रुख कर सकें। अजय, तीमारदार
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. माणिक सहगल ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। एक्सरे फिल्म खत्म होने से यह समस्या पेश आई है। जल्द एक्सरे फिल्म उपलब्ध करवा दी जाएगी।