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महिलाओं का सशक्तीकरण ग्रामीण विकास की आधारशिला : उपायुक्त
Thu, 01 Jan 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 01 Jan 2026 10:39 PM IST
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चंबा। महिलाओं का सशक्तीकरण केवल सामाजिक परिवर्तन का माध्यम नहीं बल्कि ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला है। यह बात उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने सिद्धपुर में आश्रय फाउंडेशन के फूड प्रोसेसिंग डिहाइड्रेशन प्लांट का दौरा करके महिलाओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने प्लांट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाओं के साथ संवाद किया और फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर ऐसे संगठनों की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ अभियान पर विशेष चर्चा की। एक वर्ष में अपना लक्ष्य निर्धारित कर समूह की सभी 19 महिलाएं एवं एक पुरुष इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त करें। केवल उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग को भी विश्वस्तरीय बनाना आवश्यक है, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर मूल्य मिल सके।
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उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बाजार नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे चंबा के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि होगी।
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उन्होंने प्लांट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाओं के साथ संवाद किया और फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर ऐसे संगठनों की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ अभियान पर विशेष चर्चा की। एक वर्ष में अपना लक्ष्य निर्धारित कर समूह की सभी 19 महिलाएं एवं एक पुरुष इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को प्राप्त करें। केवल उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग को भी विश्वस्तरीय बनाना आवश्यक है, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर मूल्य मिल सके।
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उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बाजार नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे चंबा के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि होगी।