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Chamba News: जंगल सुलगा तो मिट गए परिंदों के पते
Wed, 03 Jun 2026 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 03 Jun 2026 10:43 PM IST
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मैहला क्षेत्र में स्थित छुवारू जंगल में भड़की आग से वनसंपदा जलकर राख
देर शाम तक नहीं पाया जा सका आग पर काबू, धुएं से घिरा रहा पूरा इलाका
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच चंबा के मैहला क्षेत्र में स्थित छुवारू जंगल बुधवार को भीषण आग की चपेट में आ गया। सुबह भड़की आग ने कुछ ही घंटों में विकराल रूप धारण कर लिया जिससे जंगल का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया। आग से वन्यजीवों और वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका है जबकि धुएं से आसपास के गांवों में लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जटकरी पंचायत के छुवारू जंगल में बुधवार सुबह करीब 11 बजे आग लगी। इसने कुछ ही घंटों में भयावह रूप धर लिया। आग ने देखते ही देखते जंगल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
देर शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। पूरा इलाका घने धुएं और लपटों से घिरा रहा। लोगों ने बताया कि हरे-भरे पेड़-पौधे पलभर में जलकर राख हो गए। जंगल में मौजूद छोटे जीव-जंतु और पक्षी भी आग की भेंट चढ़ गए। कई वन्यजीव जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
ग्रामीणों में मुकेश कुमार, सुनील शर्मा, मनोहर लाल, उत्तम सिंह, हेम राज और जीवन कुमार ने बताया कि आग लगने के बाद हालात बिगड़ते चले गए। सड़क सुविधा न होने के कारण राहत कार्य शुरू होने में भारी दिक्कतें पेश आईं। यदि सड़क होती तो दमकल विभाग की गाड़ियां समय पर पहुंचकर आग पर काबू पा सकती थीं। पूरा दिन जंगल दहकता रहा। इससे उठता धुआं आसपास के गांवों तक फैल गया। इससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। कई ग्रामीणों को आंखों में जलन, सिरदर्द और घुटन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। हर साल गर्मियों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। इनकी रोकथाम के लिए न तो प्रभावी निगरानी है और न ही संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच के पुख्ता इंतजाम। इससे हर बार वन संपदा को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
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डीएफओ कृत्रज्ञ कुमार ने बताया कि अंजान लोगों की ओर से जंगल में आई लगी है। सुबह 11 बजे आग लगने की सूचना मिली। घरों को नुकसान न हो इसके लिए टीम मौके पर तैनात है। सड़क होती तो वह अग्निशमन की सहायता से गाड़ी को बुझा सकते थे। शरारती तत्वों की ओर से लगाई जा रही आग से हरे-भरे पेड़ नष्ट हो रहे हैं।
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देर शाम तक नहीं पाया जा सका आग पर काबू, धुएं से घिरा रहा पूरा इलाका
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच चंबा के मैहला क्षेत्र में स्थित छुवारू जंगल बुधवार को भीषण आग की चपेट में आ गया। सुबह भड़की आग ने कुछ ही घंटों में विकराल रूप धारण कर लिया जिससे जंगल का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया। आग से वन्यजीवों और वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका है जबकि धुएं से आसपास के गांवों में लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जटकरी पंचायत के छुवारू जंगल में बुधवार सुबह करीब 11 बजे आग लगी। इसने कुछ ही घंटों में भयावह रूप धर लिया। आग ने देखते ही देखते जंगल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
देर शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। पूरा इलाका घने धुएं और लपटों से घिरा रहा। लोगों ने बताया कि हरे-भरे पेड़-पौधे पलभर में जलकर राख हो गए। जंगल में मौजूद छोटे जीव-जंतु और पक्षी भी आग की भेंट चढ़ गए। कई वन्यजीव जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
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ग्रामीणों में मुकेश कुमार, सुनील शर्मा, मनोहर लाल, उत्तम सिंह, हेम राज और जीवन कुमार ने बताया कि आग लगने के बाद हालात बिगड़ते चले गए। सड़क सुविधा न होने के कारण राहत कार्य शुरू होने में भारी दिक्कतें पेश आईं। यदि सड़क होती तो दमकल विभाग की गाड़ियां समय पर पहुंचकर आग पर काबू पा सकती थीं। पूरा दिन जंगल दहकता रहा। इससे उठता धुआं आसपास के गांवों तक फैल गया। इससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। कई ग्रामीणों को आंखों में जलन, सिरदर्द और घुटन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। हर साल गर्मियों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। इनकी रोकथाम के लिए न तो प्रभावी निगरानी है और न ही संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच के पुख्ता इंतजाम। इससे हर बार वन संपदा को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
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डीएफओ कृत्रज्ञ कुमार ने बताया कि अंजान लोगों की ओर से जंगल में आई लगी है। सुबह 11 बजे आग लगने की सूचना मिली। घरों को नुकसान न हो इसके लिए टीम मौके पर तैनात है। सड़क होती तो वह अग्निशमन की सहायता से गाड़ी को बुझा सकते थे। शरारती तत्वों की ओर से लगाई जा रही आग से हरे-भरे पेड़ नष्ट हो रहे हैं।