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Chamba News: ग्रामीणों की मांग, सवा करोड़ की गड़बड़ी के आरोपी पंचायत प्रतिनिधि किए जाएं निलंबित
Tue, 18 Nov 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 18 Nov 2025 10:52 PM IST
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चंबा सनवाल पंचायत मामले को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन देते स्थानिय लोग।संवाद
चंबा। ग्राम पंचायत सनवाल में सेब पौधों की खरीद में सवा करोड़ की गड़बड़ी के आरोपी पंचायत प्रतिनिधि तुरंत प्रभाव से निलंबित किए जाएं। यह मांग पंचायत पंचायत के लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मुकेश रेपसवाल से की है।
मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला और आरोप लगाया कि इस मामले में अभी तक अधिकारियों की सांठ-गांठ चल रही है। उन्होंने मांग की है कि जिन प्रतिनिधियों ने यह गड़बड़ी की है, उनके विरुद्ध पंचायती राज एक्ट 1994 के नियम 145 के तहत कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मौसमदीन, फारूक मोहम्मद, होशियार सिंह, नरेश, यासीन, गुलाम नवी, जगत राम और इकबाल ने आरोप लगाया कि इन पंचायत प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मिलकर वर्ष, 2022 में तकरीबन सवा करोड़ रुपये की गड़बड़ी की। वर्ष 2023 में उपायुक्त को पंचायती राज निदेशक ने इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए, ताकि प्रतिनिधियों को निलंबित किया जा सके। आरोप हैं कि इसके बाद जिला पंचायत अधिकारी की ओर से इस मामले को लटकाया गया, ताकि दोषियों को बचाया जा सके।
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उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ तीसा थाना में मामला दर्ज है। पंचायत प्रधान 50 दिन और उपप्रधान 22 दिन तक न्यायिक हिरासत में भी रह चुके हैं। यदि कोई प्रतिनिधि 14 दिन तक हिरासत में रहता है, उसको तत्काल पद से निलंबित किया जाएगा। उसका निलंबन तब तक रहेगा, जब तक उस केस का फैसला नहीं आ जाता, परंतु जिला प्रशासन पंचायती राज एक्ट 1994 के नियम 145 के तहत कार्रवाई नहीं की। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि आरोपियों को शीघ्र निलंबित किया जाए, ताकि उनका पंचायत में हस्तक्षेप बंद हो सके। उपायुक्त ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला और आरोप लगाया कि इस मामले में अभी तक अधिकारियों की सांठ-गांठ चल रही है। उन्होंने मांग की है कि जिन प्रतिनिधियों ने यह गड़बड़ी की है, उनके विरुद्ध पंचायती राज एक्ट 1994 के नियम 145 के तहत कार्रवाई की जाए।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल मौसमदीन, फारूक मोहम्मद, होशियार सिंह, नरेश, यासीन, गुलाम नवी, जगत राम और इकबाल ने आरोप लगाया कि इन पंचायत प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मिलकर वर्ष, 2022 में तकरीबन सवा करोड़ रुपये की गड़बड़ी की। वर्ष 2023 में उपायुक्त को पंचायती राज निदेशक ने इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए, ताकि प्रतिनिधियों को निलंबित किया जा सके। आरोप हैं कि इसके बाद जिला पंचायत अधिकारी की ओर से इस मामले को लटकाया गया, ताकि दोषियों को बचाया जा सके।
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उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ तीसा थाना में मामला दर्ज है। पंचायत प्रधान 50 दिन और उपप्रधान 22 दिन तक न्यायिक हिरासत में भी रह चुके हैं। यदि कोई प्रतिनिधि 14 दिन तक हिरासत में रहता है, उसको तत्काल पद से निलंबित किया जाएगा। उसका निलंबन तब तक रहेगा, जब तक उस केस का फैसला नहीं आ जाता, परंतु जिला प्रशासन पंचायती राज एक्ट 1994 के नियम 145 के तहत कार्रवाई नहीं की। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि आरोपियों को शीघ्र निलंबित किया जाए, ताकि उनका पंचायत में हस्तक्षेप बंद हो सके। उपायुक्त ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।